हाल में हुए शोध में किशोरावस्था के दौरान दक्षिण एशियाई देशों के लड़कों के लिए सेहत से जुड़े गंभीर खतरे का रिस्क पता चला है।
कनाडा के टोरंटो शहर के वुमेन्स कॉलेज अस्पताल के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में माना है कि दक्षिण एशियाई देशों के किशोरों को मोटापे और इससे जुड़े खतरों का रिस्क सामान्य किशोरों की अपेक्षा तीन गुना अधिक हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने माना है कि इस कारण नि देशों के किशोरों को आगे चलकर डायबिटीज व दिल की बीमारी का खतरा भी अधिक होता है।