Sakat Chauth 2019: भारत में आज संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है।सकट चौथ को कई अन्य नामों से जाना जाता है जैसे सकट चौथ, तिलकुट चतुर्थी, संकटाचौथ, तिलकुट चौथ।मान्यता है कि इस व्रत को रखने से संतान की आयु लंबी होती है।महिलाएं इस दिन गणेश भगवान को तिल के लड्डू का भोग लगाती है।तिल के लड्डू खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई गुणों से भी भरपूर होते हैं।तिल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, अमीनो एसिड, ऑक्जेलिक एसिड, विटामिन बी, सी और ई होता है।वहीं गुड़ में सुक्रोज, ग्लूकोज और खनिज तरल पाए जाते हैं। दोनों के कॉम्बिनेशन से जब ये लड्डू बनकर तैयार होते हैं तो इसके गुण और बढ़ जाते हैं।
til k ladoo
साम्रगी-
तिल ( धुले हुए सफेद ) - 500 ग्राम ( 3 कप)
मावा - 500 ग्राम ( 2 1/2 कप)
बूरा - 500 ग्राम ( 3 कप)
काजू - 100 ग्राम (एक काजू के 6-7 टुकड़ों में काट लें)
छोटी इलाइची - 4 (छील कर बारीक कूट लीजिये)
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विधि-
-तिल के लड्डू बनाने के लिए सबसे पहले तिल को अच्छे से साफ कर लें। इसके बाद कढ़ाई गरम करके तिल कढ़ाई में डालकर धीमी आंच पर तिल हल्के ब्राउन होने तक भूनें।तिल को ठंडा करके मिक्सी से पीस लें।
-इसके बाद दूसरी कढ़ाई में मावा हल्का ब्राउन होने तक भून लें।इसके लिए आप माइक्रोवेव का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
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-इसके बाद मावा, पिसे हुए तिल, बूरा, इलाइची पाउडर और काजू के टुकडों को अच्छी तरह मिला लें। आपका लड्डू का मिश्रण बनकर तैयार हो चुका है।
-इस मिश्रण से लड्डू की शेप के लड्डू बना लीजिए। इन लडुडुओं को 10-12 तक रख कर खाया जा सकता है।
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तिल के लड्डू खाने के फायदे
-गर्म तासीर की वजह से इन लड्डू को खाने से सर्दी में भी शरीर में गर्मी बनी रहती है।
-जिन लोगों को कब्ज की परेशानी होती है उनके लिए भी ये फायदेमंद होते हैं।
-अस्थमा के मरीजों को लिए भी ये बेहद कारगर होते हैं। उन्हें इन लड्डुओं का सेवन दूध के साथ करना चाहिए।
-कमजोरी को दूर कर शरीर को एनर्जी प्रदान करता है।
-इनमें आइरन होता है जो जोड़ों को मजबूत बनाता है।