वैज्ञानिकों ने एक ऐसा टीका विकसित किया है जो व्यक्ति में ‘फ्लू’ का संभावित खतरा हमेशा के लिए खत्म कर देगा। आस्ट्रेलिया और चीन के शोधकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने इस गुत्थी को सुलझा लिया है कि शरीर किस प्रकार ऐसी बीमारियों से लड़ता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि वे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना बढ़ा सकते हैं कि मानव शरीर किसी भी प्रकार के इंफ्लूएंजा के प्रभाव को नष्ट कर सके। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं और शंघाई पब्लिक हेल्थ क्लिनिक के दल ने सफेद रक्त कणों से टी-कोशिकाओं के नमूनों को बर्ड फ्लू बीमारी में जीवित बचे व्यक्ति के शरीर से लेकर संचित किया।
यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न की प्रो. कैथरीन केदजिरस्का का दावा है इस असाधारण उपलब्धि से ऐसा टीका विकसित किया जा सकता है जो सभी नए इंफ्लूएंजा वायरस के खिलाफ लड़ सकता है। इससे भविष्य में एक विश्वव्यापी टीका विकसित किया जा सकता है। इस संबंध में कुछ आलोचकों का मानना है कि ऐसा टीका विकसित करना बहुत मुश्किल है।
इसलिए जगी है उम्मीद
अध्ययन में पाया गया कि बर्ड फ्लू से बचने वाले लोगों में विषाणुओं की मारक क्षमता वाली टी-कोशिकाओं का सीडी8 (पॉजिटिव) स्तर काफी अधिक होता है।
यह कोशिकाएं शरीर को होने वाले संभावित खतरों से निपटने में मददगार साबित होती हैं। इसी कारण वैज्ञानिकों को नए टीके की उम्मीद जगी है।