एक औसत वयस्क को प्रति दिन कम से कम सात से आठ घंटे की नींद जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर मोटापा, हृदयरोग, लकवा और कई गंभीर बीमारियां घेर लेती हैं।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक कोलिन एस्पी के मुताबिक 60 साल पहले के मुकाबले वर्तमान में हमारी नींद दो घंटे कम हो गई है। इसका एक बड़ा कारण है हमारे काम करने के घंटों में इजाफा होना।
ब्रिटेन में हुए एक सर्वेक्षण में पता चला है कि हर दस में से छ: लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं। नींद पर शोध करने वाले विशेषज्ञ डॉ. मीडोज ने भी इसकी तस्दीक की है।
विशेषज्ञों के मुताबिक रात को चाय-कॉफी का सेवन नींद में खलल डालता है। सोने से पहले गहरी सांस लेने को अच्छा व्यायाम माना गया है, इससे नींद अच्छी आती है।
छुट्टी वाले दिन भी समय पर उठें
ब्रिटेन स्थित स्लीप स्कूल के क्लीनिकल डायरेक्टर व नींद विशेषज्ञ डॉ. मीडोज ने बताया कि हमारी नियमित दिनचर्या के हिसाब से सोने और उठने के लिए हमारा शरीर एक सिस्टम विकसित कर लेता है।
जबकि अक्सर रविवार या छुट्टी वाले दिन हम देर तक सोते रहते हैं, इससे हमारी बायोलॉजिकल घड़ी भ्रमित हो जाती है और इसका प्रभाव नींद पर पड़ने लगता है।
शाम 5 बजे से पहले करें डिनर
ब्रिटेन के राष्ट्रीय मोटापा फोरम के क्लीनिकल निदेशक डॉ. मैट केपहार्न के मुताबिक हमें शाम पांच बजे तक रात्रिभोज कर लेना चाहिए। सोने से करीब 3 घंटे पहले उन्होंने डिनर की जरूरत पर बल दिया।
देर से भोजन करने के कारण पेट की पाचन क्रिया प्रभावित होती है, जिससे नींद में खलल पड़ता है। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि रात को भारी भोजन नहीं करना चाहिए।
एक गद्दे का उपयोग 7 साल से ज्यादा नहीं
लगातार एक ही गद्दे पर सोते रहने से उस पर बनने वाले दबाव के कारण गद्दे का आकार एक जैसा नहीं रह जाता है, अत: यदि आप एक ही गद्दे पर करीब सात साल अथवा 20,000 घंटे सो चुके हैं, तो उसे बदल डालें।
ब्रिटिश स्लीप काउंसिल के मुताबिक गरत गद्दों का इस्तेमाल गर्दन और कमर के नीचे दर्द पैदा करता है।