दिल का दौरा पड़ना अब सिर्फ बूढ़ों या उम्रदराजों की बीमारी नहीं रह गई है। बल्कि नौजवान भी तेजी से इसके शिकार हो रहे हैं और यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।
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उम्र के साथ सेहत कमजोर होना आम बात है लेकिन अगर आपकी उम्र हष्ट पुष्ट रहने की है लेकिन फिर भी ऐसी गंभीर बीमारी का शिकार होने का खतरा है तो उसके पीछे कई कारण हैं।
आज जितनी तेजी से बीमारियों के इलाज निकल रहे हैं उतने ही तेजी से बीमारियां बढ़ भी रही हैं और दिल का दौरा एक ऐसी स्थिति है जिसकी सूचना पहले से हो, ऐसा हर बार जरूरी नहीं। ऐसे में अपना ध्यान रखना और अपनी आदतों को सुधारना ही एक मात्र उपाए समझ आता है।
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लक्षणों को न करें नजरअंदाज
कई शोधों में पाया गया है कि नौजवानों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा उनकी आदतों के कारण ज्यादा होता है। माना गया है कि नौजवानों में हार्ट आटैक के लक्षणों को नजरअदांज करने की ज्यादा आदत होती है।
सीने में दर्द, गले में दर्द, कमरदर्द और अपच जैसी समस्याओं को भी युवा गंभीरता से नहीं लेते और अगर इनका शिकार होते हैं तो नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि इन लक्षणों को समझ कर उनका शुरुआत से ही इलाज करा लेना खुद को हार्ट अटैक से बचाने की तरफ सबसे बढ़ा कदम है।
ज्यादातर लोग जो आगे चल कर इस बीमारी का शिकार होते हैं वह यह कबूल करते हैं कि उन्हें शुरुआत में इसका पता नहीं था या उन्होंने संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया और अब खतरा बढ़ गया है।
जंक फूड ने बढ़ा दिया है संकट
नौजवानों में दिल का दौरा पड़ने का का एक और कारण है उनका खान पान। जंक फूड यानि यानि बर्गर, पिज्जा, कोलड्रिंग जैसी बाहरी चटर पटर की चीजें ज्यादा खाने से बच्चों और युवाओं में नमक, फैट और कैलोरी ज्यादा हो जाती है।
शरीर में इनकी ज्यादा मात्रा होने से सेहत को खतरा होता है। मोटापा भी बढ़ता है और आगे चल कर यह सब दिल का दौरे का कारण बनते हैं। मोटे लोगों में इस बीमारी का खरता और ज्यादा होता है।
गंदी आदतें बना रही हैं बीमार
आजकल युवाओं में बहुत कम उम्र से ही शराब और सिगरेट पीने का चलन काफी बढ़ गया है। कोई इसे जरूरत बताता है तो किसी के लिए यह अपने दोस्तों के बीच जगह बनाने का सबसे उम्दा तरीका है। लेकिन असल में ये गंदी आदतें सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं।
कम उम्र से ही इन चीजों का सेवन करने से शरीर में लंबे समय तक वह स्थितियां बन जाती हैं जिनसे आगे चल कर दिल का दौरा पड़ने का खतरा गहराता जाता है। ड्रग्स का सेवन करने से दिल की रफ्तार बहुत तेज हो जाती है और आप इस बीमारी के और करीब जाने लगते हैं।
डॉक्टर से लें सलाह
इनके अलावा कुछ ऐसे भी कारण है जिन पर हमारा जोर नहीं। जैसे कि अगर आपके परिवार का इतिहास ही रहा हो कि सदस्यों को दिल की बीमारी होती है या कितनी कोशिश करलें लेकिन मोटापा पीछा नहीं छोड़ता तो भी यह बीमारी युवाओं को जकड़ लेती है।
लेकिन इस तरह के कारणों का पता चलने पर अपमने डॉक्टर से बात जरूर करें और सलाह लें। पर्याप्त कसरत न करना या शिक्षा की कमी होना भी इन कारणों में शामिल होते हैं। खासकर गरीब या अशिक्षित परिवारों के युवाओं में यह समस्या हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि युवाओं को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए और समय रहते अगर लक्षणों को पहचान लेंगे तो इस खतरे से बच सकते हैं। इसके लिए पांच चीजों का ध्यान रखना है।
धूम्रपान न करें शारीरिक वजन सही बनाए रखें किसी न किसी रूप में शारीरिक गतिविधियां जरूर करें कोशिश करें दिन में दो घंटे से ज्यादा टीवी न देखें पौष्टिक आहार लेते रहें