वैज्ञानिकों का मानना है कि दुनिया भर में फैलते विभिन्न प्रकार के बर्ड फ़्लू के लिए प्रवासी पक्षी ज़िम्मेदार हैं।
वैज्ञानिकों ने चेताया है कि भविष्य में ऐसे देशों के पोल्ट्री फ़ार्म्स में बर्ड फ़्लू के प्रकोप के फैलने की ज़्यादा संभावनाएं हैं जिन देशों में वायरस से लड़ने की पूरी तैयारी नहीं है।
नीदरलैंड के रॉटरडैम स्थित इरास्मस मेडीकल सेंटर के वैज्ञानिकों ने बताया कि रूस के जंगली पक्षी और प्रवासी पक्षियों में एच5 नामक वायरस पाया जाता है।
यह अन्य देशों के लिए चिंता का विषय है। इससे भविष्य में यह अन्य देशों में फैल सकता है।
शोधकर्ताओं का कहना था, "पिछले साल ब्रिटेन के बत्तख़ फ़ार्म में पाया गया बर्ड फ़्लू का एक मामला रूस के प्रवासी पक्षियों के ज़रिए यहां आया था। हालांकि इस वायरस से मनुष्यों को ज़्यादा खनहीं था, लेकिन लंबी यात्रा करने वाले इन पक्षियों की निगरानी करना आवश्यक है।"
अन्य देशों के लिए ख़तरा
एच5एन8 वायरस के चलते पिछले साल रूस, पूर्वी एशिया, उत्तरी अमरीका और चार यूरोपीय देशों में लाखों पक्षियों को मारा गया था।
2006 में भारत में बर्ड फ़्लू का प्रकोप फैला था इसके बाद 2008 और 2014 में भी इसके कुछ मामले भारत में पाए गए थे। जिसके चलते केरल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था।