मौसम करवट ले रहा है और जाड़ा दस्तक दे रहा है। इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं एवं उनकी गतिविधि भी बढ़ जाती है। ऐसे में छोटी-छोटी बीमारियां कई बार बड़ा रूप ले लेती हैं और परेशानी बढ़ा सकतीहैं। इसलिए सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।
इस मौसम में सबसे आम दिक्कत होती है गले के इन्फेक्शन की। स्किन इन्फेक्शन भी इस मौसम में एक बड़ी समस्या है। खासकर फंगल इन्फेक्शन त्वचा को कई प्रकार से नुकसान पहुंचाता है।
बुखार आना और मच्छरों से पैदा होने वाले रोग, डेंगू मलेरिया भी सेहत पर असर डालते हैं। गंभीर बीमारियों के रोगी जैसे- अस्थमा, मधुमेह और हृदय रोगियों की परेशानी इस मौसम में बढ़ने का खतरा अधिक रहता है।
टायफाइड, फूड पॉयजनिंग, डायरिया, लीवर इन्फेक्शन, हेपेटाइटिस, जॉन्डिस, एमिबिक लीवर इन्फेक्शन जैसे रोग हो जाते हैं।
इन रोगों से बचने के लिए खानपान और साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सुबह और शाम को सर्द मौसम में पंखा या कूलर से भी बचा जाए तो बेहतर है।
अस्थमा, मधुमेह और दिल के मरीज खासतौर पर मौसम के बदलते मिजाज में विशेष ध्यान रखें। बाहर का खाना बिल्कुल न खाएं। फ्रिज में रखा बासी भोजन भी न लें। पानी साफ-सुथरा पिएं। फल और सब्जियों का ज्यादा सेवन करें।
सबसे जरूरी बात इस मौसम में यह है कि इन्फेक्शन होने या बुखार की स्थिति में अपने आप से दवा बिल्कुल न लें। यह कई मामलों में जानलेवा हो सकता है। चिकित्सक को दिखाएं और उसके परामर्श के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।
सर्दियां शुरू हो रही हैं, तो सेहत से जुड़ी परेशानियां भी शुरू हो सकती हैं। बीमारी से बचना है, तो अभी से सतर्क हो जाएं।