आपका घर हवादार नहीं है या दफ्तर के कमरा हर तरह से बंद रहता है तो यह आपकी सेहत के लिए टीबी के खतरे की घंटी हो सकता है।
शोध की मानें तो बिल्कुल पैक्ड और अधिक भरे कमरे में काम करने वाले लोगों को ट्यूबरक्लोसिस का रिस्क अधिक होता है।
सरकारी आंकड़ों की मानें तो पिछले साल मल्टी ड्रग रसिस्टैंट टीबी के करीब 102 मामले पता चले हैं।
गांधी मेडिकल कॉलेज के शोध की मानें तो हमादिया अस्पताल पर किए गए अध्ययन में आधे दर्जन से अधिक डॉक्टरों को खराब वेंटिलेशन की वजह से टीबी के मामले देखे गए हैं।
शोधकर्ताओं ने माना है कि हेल्थ केयर सेक्टर में अस्पतालों व क्लीनिक में वेंटिलेशन की कमी के कारण टीबी के मामले बढ़े हैं। इस तर्ज पर बंद कमरे में काम करने वाले लोगों को टीबी की खतरा अधिक होता है।