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पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अक्सर रहता है यह खतरा

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पीरियड्स के दौरान महिलाओं को क्रैंप पड़ना, पेट में दर्द, गैस जैसी दिक्कते तो आपने सुनी होंगी लेकिन पीरियड्स महिलाओं के शरीर को इससे कहीं अधिक प्रभावित करते हैं।
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हफिंगटनपोस्ट वेबसाइट पर प्रकाशित शोध की मानें तो पीरियड्स के दौरान महिलाओं की नींद पर भी गहरा असर पड़ता है।

ब्रिटेन के नेशनल स्लीप फाउंडेशन द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण की मानें तो करीब 30 प्रतिशत महिलाएं पीरियड्स के दौरान अनिद्रा की समस्या से जूझती हैं जबकि 25 प्रतिशत महिलाएं पीरियड्स आने से पहले नींद से जुड़ी दिक्कतों का सामना करती हैं।
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ये हार्मोनल बदलाव हैं कारण

शोधकर्ताओं का मानना है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण भी उन्हें इस दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

गौरतलब है कि पीरियड्स के दौरान ल्यूटेनाइजिंग हार्मोन, फोलिकल स्टुमुलेटिंग हार्मोन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टरोन नामक चार हार्मोन सक्रिय रहते हैं।

शोध में पाया गया कि महिलाएं अपने उर्वर दिनों में सबसे अच्ची नींद लेती हैं। इसके पीछे कारण है उनके शरीर में प्रोजेस्टोरोन का बढ़ना जो उनकी नींद अच्छी करने में मदद करता है।
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और भी हैं समस्याएं

शोध के दौरान महिलाओं ने पीरियड्स में नींद न आने के अलग-अलग कारण बताए हैं। 57.6 महिलाओं का मानना है कि इस दौरान सिरदर्द के कारण उन्हें नींद नहीं आती है जबकि 44 प्रतिशत महिलाएं इसे पीरियड्स के दौरान होने वाले अवसाद से जोड़कर देखती हैं।

41 प्रतिशत महिलाएं इस दौरान ब्रेस्ट में अधिक दर्द के कारण नहीं सो पाती हैं जबकि 51 प्रतिशत महिलाओं को ब्लोट‌िंग के कारण नीं नहीं आती है। 8 प्रतिशत महिलाओं को कांस्टिपेशन का खतरा होता है जबकि 69 प्रतिशत महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट दर्द व क्रैंप के कारण नींद नहीं आती है।

हर दस में से एक महिला ने माना कि उसे पीरियड्स के दौरान नींद से संबंधित समस्या इतनी अधिक होती है जिससे उसकी नौकरी व घर के दूसरे काम भी प्रभावित होते हैं।
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