अब मरीज का अल्ट्रासाउंड घर तक में संभव है। मार्केट में ऐसी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड डिवाइस आ चुकी हैं जिनके जरिए अल्ट्रासाउंड करना बेहद आसान हो गया है।
अल्ट्रासाउंड की ऐसी पोर्टेबल डिवाइस अब पीजीआई में भी उपलब्ध हैं। जिनके न सिर्फ रिजल्ट जबरदस्त आ रहे हैं।
रेडियोडाग्नोसिस विभाग के प्रभारी ने कहा कि अल्ट्रासाउंड करने में कई बातों का ध्यान देना आवश्यक है।
स्पोर्ट्स इंजरी के बढ़ने के साथ ही ऐसी डिवाइस की आवश्यकता महसूस की गई। जिससे कि मैदान तक में आसानी से अल्ट्रासाउंड किया जा सके।
खासतौर से टिश्यू और ज्वाइंट में मसल्स में आई गड़बड़ी का पता लगाया जा सकता है। यह अल्ट्रासाउंड तकनीक बेहतर है।
अल्ट्रासाउंड में 5 मिनट में रोग का पता लगाया जा सकता है और एमआरआई करने में एक घंटे का समय लगता है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का प्रयोग स्पोटर्स इंजरी होने पर चिकित्सकों ने शोध करने पर शुरू किया।