कई बार खान-पान में गड़बड़ी या रुटीन में हुए किसी बदलाव की वजह से पेट या गले में जलन की समस्या अक्सर हमें बेचैन कर देती है। ऐसी समस्याओं के दौरान कई बार हम यह तय नहीं कर पाते कि आखिर इनसे छुटकारा पाने के लिए क्या करें। अगर आपके साथ भी यह समस्या हमेशा रहती है तो अपनी डाइट में इन्हें जरूर शामिल करें।
हल्दी
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व एक बेहतरीन एंटी इन्फ्लमेट्री (प्रज्वलन विरोधी) तत्व है। यह हाइड्रोकॉर्टिसोन और मोर्टिन जैसी दवाओं से भी अधिक प्रभावी माना जाता है।
ग्रीन टी
कई शोधों में यह तथ्य माना गया है कि ग्रीन टी एक प्राकृतिक एंटी इन्फ्लमेट्री तत्व है। तिना ही नहीं, इसके नियमित सेवन से हृदय रोगों और कैंसर जैसे रोगों का खतरा कम हो जाता है।
पपीता
पपीता के फायदे बहुतेरे हैं। यह सुपाच्य तो है ही साथ इसमें एंटी इन्फ्लमेट्री तत्व भी अच्छी मात्रा में हैं। यह विटामिन सी और ई का भरपूर स्रोत भी है जिस वजह से यह एंटी इन्फ्लमेट्री फल माना जाता है।
जामुन
जामुन भी एक बेहतरीन एंटीऑक्सिडेंट हो एंटी इन्फ्लमेट्री गुणों से भरा है। इतना ही नहीं, कैंसर और डिमेन्शिया जैसे रोगों के उपचार में भी इसका बहुत महत्व है।
जैतून का तेल
जैतून के तेल में भरपूर मात्रा में पोलीफिनॉल्स नामक तत्व होते हैं जो हृदय को सुरक्षित रखते हैं और जलन शांत करते हैं। ये तत्व है जैतून के तेल को एंटी इन्फ्लमेट्री बनाते हैं। दमा और गठिया जैसे रोगों के उपचार में भी इसका इस्तेमाल होता है।
ब्रोकली व गोभी
ब्रोकली और गोभी में पाया जाने वाला सल्फोराफेन नामक तत्व एंटी इन्फ्लमेट्री और एंटी कैंसर तत्व पाए जाते हैं।
शकरकंद
शकरकंद कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन बी6 और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद ये तत्व एंटीऑक्सिडेंट्स का भी काम करते हैं और जलन को कम करते हैं।