'रक्तदान करें, अच्छा लगता है।' रक्तदान को लेकर यह विचार अक्सर हमारे मन में आता है। कुछ लोग इसके महत्व को समझते हुए समय-समय पर रक्तदान करते भी हैं लेकिन कई लोग इसकी इच्छा होते हुए भी रक्तदान नहीं कर पाते। वजह, इससे जुड़ी भ्रांतियां जो भले ही वास्तविकता में निराधार हों पर हमारे मन में इस तरह घर कर जाती हैं कि हम इस नेक काम में चाहकर भी शरीक होने से कतराते हैं। तो चलिए, आज हम आपको रक्तदान से जुड़ी ऐसी ही भ्रांतियों और वास्तविकता की जानकारी देते हैं।
रक्तदान से होगी खून की कमी
अगर आप यह सोचते हैं कि रक्तदान करने के बाद आपके शरीर में खून की कमी हो जाएगी तो आप बिल्कुल गलत हैं। रक्तदान के 48 घंटे बाद रक्त की क्षतिपूर्ति हो जाती है। इतना ही नहीं, अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं तो हर तीन महीने में एक बार रक्तदान बेझिझक करवा सकते हैं।
रक्तदान से सेहत को नुकसान
रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है और इससे आपकी सेहत को कोई नुकसान नहीं होगा। असलियत तो यह है कि यह दिल की बीमारियों की आशंका कम करने में सहायक है और शरीर में अतिरिक्त आयरन को जमने से रोकता है। दूसरे ओर, रक्तदान के पहले दाता का शारीरिक परीक्षण किया जाता है और हिमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत से कम होने पर रक्तदान नहीं करने दिया जाता है।
रक्तदान में दर्द होता है
रक्तदान के बारे में कुछ लोग मानते हैं कि यह एक दर्दनाक प्रक्रिया है लेकिन असलियत यह है कि इसमें दर्द बिल्कुल नहीं होता। सिर्फ कुछ सेंकड के लिए आपको सुई चुभोने का एहसास होगा, इससे अधिक कुछ भी नहीं।
रक्तदान के बाद करना होगा एक दिन का आराम
अगर आपको यह लगता है कि रक्तदान करने के बाद आपको पूरे एक दिन आराम करना पड़ेगा और इसके लिए ऑफिस से छुट्टी लेनी होगी तो ऐसा नहीं है। आप रक्तदान के बाद भी सामान्य रुटीन अपना सकते हैं बशर्ते आप थोड़ी सावधानी बरतें। जैसे दिन में 10 से 12 ग्लास पानी पिएं, एक-दो दिन एल्कोहल, धूम्रपान आदि से दूर रहें। इसके अलावा तीन से चार घंटे तक ड्राइविंग और धूप में आने से थोड़ा बचें।
मैं हाई बीपी का मरीज हूं तो रक्तदान कैसे करूं
क्या आपके मन में भी यह शंका बार-बार आती है? जब तक आपका ब्लड प्रेशर रक्तदान के समय 180 सिस्टोलिक से कम और 100 डाइस्टोलिक तक रहता है, आप आराम से रक्तदान कर सकते हैं। बीपी की गोलियां खाने से रक्तदान का कोई संबंध नहीं है।
उम्रदराज हैं तो नहीं कर सकते रक्तदान
ऐसा बिल्कुल नहीं है कि अधिक उम्र वाले लोग रक्तदान नहीं कर सकते हैं। जब तक चिकित्सकीय परीक्षण के हिसाब से आप स्वस्थ माने जाएंगे तब तक आप बेहिचक रक्तदान कर सकते हैं।
रक्तदान से हो सकता है एचआइवी संक्रमण
जब तक आप सुरक्षित तरीके से रक्तदान करेंगे किसी भी प्रकार के संक्रमण का सवाल नहीं। आजकल डिस्पोजेबिल सुई का जमाना है जिसे एक बार इस्तेमाल में लाने के बाद फेंक दिया जाता है। सावधानी के साथ रक्तदान करने से संक्रमण नहीं फैलता बल्कि खुशी मिलती है।