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कॅरियर के लिए भी सिरदर्द है माइग्रेन

Tue, 27 Nov 2012 11:18 AM IST
लंदन/एजेंसी
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एक शोध के अनुसार माइग्रेन के तीन में से एक मरीज को कार्यस्थल पर भेदभाव का सामना करना पड़ता है। हाल में लंदन हुए एक शोध के दौरान आधे से ज्यादा लोगों ने यह बात स्वीकार की है। 
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वहीं दस में चार लोगों का यह मानना है कि उनके बॉस और सहकर्मी उनके साथ सहयोग नहीं करते हैं। शोध करवाने वाली लंदन की माइग्रेन ट्रस्ट से जुड़ी हाना वर्गीज कहती हैं ‘अधिकतर नियोजक माइग्रेन से ग्रसित कर्मियों की स्थिति को सही तरीके से समझकर उसके बारे में अनुकूल इंतजाम नहीं कर पाते हैं। इसी वजह से माइग्रेन के मरीजों को दफ्तर में काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है।'

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट में माइग्रेन को जिंदगी भर के लिए तकलीफ देने वाली शीर्ष 20 बीमारियों की सूची में शामिल किया गया है। वर्गीज के मुताबिक, दफ्तरों में माइग्रेन की समस्या से पीड़ित कर्मियों को अनुकूल माहौल देने के प्रयास किए जाने की जरूरत है।
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