हाल में वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित करने का दावा किया है जिससे ब्रेस्ट इम्प्लांट करनावे वाली महिलाओं के ब्रेस्ट का आकार नहीं बिगड़ेगा।
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ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने हाल में अब तक के सबसे हल्के ब्रेस्ट इम्पलांट को अंजाम देंगे जिससे आगे चलकर महिलाओं के ब्रेस्ट संबंधी समस्याओं को रोका तो जा ही सकता है, साथ ही फिगर खराब नहीं होता है।
वैज्ञानिकों का दावा है कि इस साल के अंत तक वे इस तकनीकी का प्रयोग करेंगे जिसमें इम्पलांट होने के बाद ब्रेस्ट का वजन 30 प्रतिशत तक कम हो सकेगा।
अब तक ब्रेस्ट इम्पलांट के लिए सिलिकॉन जेल या सेलाइन वाटर का इस्तेमाल होता रहा है जबकि अब इनकी जगह सिलिकॉन शेल और सिलिकेट की बॉल्स का इस्तेमाल होगा जो वजन में जेल से काफी हल्की हैं।
शोधकर्ता डेल गोवरिन के अनुसार, ''1962 में ब्रेस्ट इम्पलांट के अविष्कार से लेकर अबतक इस सर्जरी के बाद ब्रेस्ट के वजन को कम करने का ख्याल किसी को नहीं है। इस तकनीक की मदद से ब्रेस्ट के झूलने व अन्य समस्याओं से बचाव संभव हो सकेगा।''