अगर आप अक्सर खर्राटों से परेशान रहते हैं और इसकी वजह से आपके घर में हर रात कलह होती है तो इसका नया उपचार मददगार हो सकता है।
कई शोधों में माना जा चुका है कि दुनिया भर में करीब 30 प्रतिशत तलाक के मामले का कारण खर्राटे से होने वाली परेशानी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर की मानें तो अब खर्राटे के उपचार के लिए सर्जरी के बजाय लेजर ट्रीटमेंट आसान और कारगर विकल्प हो सकता है।
कैसे काम करेगी यह विधि
इस बारे में डॉ. अभिजीत देसाई ने टीओआई को बताया, ''लेजर ट्रीटमेंट त्वचा में कोलेजन को सक्रिय करेगा जिससे श्वासनली में लचीलापन बढ़ेगा और श्वास लेना आसान हो जाएगा।''
इस विधि के जरिए गले के पिछले हिस्से - युवुला, टोंसिल और सोफ्ट पेलेट्स को मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा जिससे खर्राटों को रोका जा सके।
लेजर स्पेशलिस्ट डॉ. गौरी देसाई ने बताया कि लेजर विधि की मदद से सोते वक्त विशेष हिस्सों के वाइब्रेशन पर नियंत्रण किया जा सकता है जिससे खर्राटे खत्म हो जाएंगे।
किस हद तक सफल है यह विधि?
इस बारे में डॉ. गौरी ने माना कि इस विधि से अधिकतर मामलों में खर्राटों को इतना कम किया जा सकता है कि इनसे किसी और को तकलीफ न हो। वहीं कुछ मामलों में खर्राटे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
इस विधि के अंतर्गत मरीज को लेजर के तीन सेशन दिए जाएं जिनमें हर सेशन के बीच में एक महीने का गैप होगा। हर सेशन करीब 20 मिनट का होगा।
डॉक्टरों का दावा है कि सेशन के पहले दिन से ही मरीज की स्थिति में बदलाव दिखना शुरू हो जाएगा। उनका मानना है कि यह विधि उपचार के लिए सर्जरी से अधिक सुरक्षित विधि है।
इन उपायों से भी होगा आराम
सामान्यतः जीवनशैली से जुड़े छोटे-छोटे बदलाव करने से भी खर्राटे की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। मसलन,
- रात में जल्दी खाने और फिर सोने के बीच में कम से कम दो घंटे का गैप रखने से।
- सोते वक्द गर्दन के नीचे ऊंची तकिया लगाएं।
- वजन अधिक है तो इसे कम करने से भी खर्राटे बंद हो सकते हैं।
- बाजार में उपल्ब्ध नैजल स्प्रे और स्ट्रिप का इस्तेमाल मददगार है।
- प्राणायाम और योगासनों की मदद से भी खर्राटे बंद हो सकते हैं।
- गंभीर मामलों में सर्जरी विकल्प है।