रात भर करवटें बदलते हैं और आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं होता तो यह युवावस्था में ही गंभीर खतरे का इशारा हो सकता है।
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अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के शोध की मानें तो अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे युवाओं को स्ट्रोक व दिल के रोगों का खतरा सामान्य लोगों की अपेक्षा आठ गुना अधिक होता है।
इतना ही नहीं, शोधकर्ताओं ने यह भी माना है कि कम नींद लेने वाले युवाओं को बुजुर्गों की अपेक्षा दिल के रोगों का खतरा भी काफी अधिक होता है।
शोध के दौरान 18 से 35 साल की उम्र के 21,000 अनिद्रा के मरीजों व 64,000 सामान्य प्रतभिगियों के बीच तुलनात्मक अध्ययन किया गया है।
यह शोध स्ट्रोक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।