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ऐसे में आपका भोजन ही बन जाता है खतरा!

Fri, 07 Feb 2014 11:07 AM IST
अम्बर बाजपेयी/अमर उजाला, आगरा
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बाजार में तरोताजा दिखने वाले फल-सब्जियां और अनाज अगर आपकी सेहत के ही दुश्मन हो जाएं तो?
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बात हो रही है फल, सब्जी व अनाज की खेती के दौरान इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों के बारे में जिनकी वजह से हमारा भोजन ही सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

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समय पूर्व प्रसव का कीटनाशक बड़ा कारण हैं। इस तरह जन्मे करीब 64 फीसदी शिशुओं की मौत हो जाती है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ बेसिक साइंस (आईबीएस) के रसायन विज्ञान विभाग में चल रहे शोध में इसका खुलासा हुआ है। शोधकर्ता डॉ. मधु आनंद ने समय से पूर्व (प्रीटर्म) व सामान्य प्रसव (नार्मल डिलीवरी) से जन्मे शिशुओं की प्लेसेंटल सैंपल (गर्भनाल) की बायप्सी कराई। जांच के नतीजे चौंकाने वाले आए।

सामान्य प्रसव से जन्मे शिशुओं की नाल में कीटनाशक की मात्रा सामान्य मिली जबकि प्रीटर्म मामलों में यह चार गुना तक ज्यादा थी। यही नहीं, शोध में ब्रेस्ट कैंसर की शिकार महिलाओं के खून में पेस्टीसाइड की मात्रा तकरीबन 72.70 पीपीबी तक पाई गई। यह शोध विभाग के प्रो. अजय तनेजा के नेतृत्व में चल रहा है।
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शोधकर्ता डॉ. मधु आनंद के अनुसार, ''राज्य में वर्ष 2005 में हुए सर्वे में पाया गया था कि प्रीटर्म डिलीवरी और बर्थ एसीफिया से 64.10 प्रतिशत नवजात शिशुओं की मौत हो जाती है। ऐसे में गर्भनाल की जांच कर प्रीटर्म डिलीवरी के कारणों को जानने की कोशिश की गई।''

पथरी का कारण भी
रसायन विज्ञान विभाग की ही छात्रा मोनिका शर्मा के एक अलग शोध में पता चला कि कीटनाशक पथरी का भी बड़ा कारण है। पित्त की थैली में पथरी की शिकार आगरा मंडल में महिला मरीजों पर यह शोध हुआ।

इसमें नॉर्मल मरीज से पथरी की शिकार महिलाओं के खून में कीटनाशक की मात्रा अधिक पाई गई। इनमें 65 प्रतिशत महिलाएं गांवों की हैं। 35 प्रतिशत शहरी महिलाओं के खून में यह अधिक पाया गया।  
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शरीर में ऐसे पहुंचता है कीटनाशक
सब्जी व अनाज को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए किसान कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करते हैं। इन अनाज व सब्जियों के साथ ही कीटनाशक खाने वालों के शरीर में पहुंच जाते हैं।
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