होली के त्योहार पर रंगों की बौछार और मौज-मस्ती न हो तो मजा ही क्या। लेकिन अक्सर रंग खेलने के बाद त्वचा पर रैशेज, जलन, दाने जैसी समस्याएं आपको कई दिनों तक परेशान करती हैं।
त्वचा पर रंगों की एलर्जी को हल्के में न लें क्योंकि इनकी अनदेखी किसी गंभीर बीमारी में भी तब्दील हो सकती है।
गंगा राम अस्पताल में सीनियर डर्मोटोलॉजिस्ट डॉ. रोहति बत्रा बताते हैं, 'बाजार में बिकने वाले अधिकतर रंगों में ऐसे कमिकल्स होते हैं जिनसे त्वचा पर एक्जिमा, डर्मेटाइटिस जैसे त्वचा से संबंधित कई रोग हो सकते हैं इसलिए त्वचा का ध्यान रखते हुए प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलें।'
होली के रंग आपकी त्वचा पर एलर्जिक निशान न छोड़ जाएं इसके लिए मेडस्पा की एस्थेटिक इमेज कंस्टेंट डॉ. आभा कश्यप के बताए ये टिप्स आपके लिए मददगार हो सकते हैं-
1. होली से पहले किसी भी तरह के फेशियल ट्रीटमेन्ट से बचें। अगर आपको एलर्जी या रैश की समस्या रहती है, तो अपने डर्मेटोलोजिस्ट से मिलें, और उनसे पूछ लें कि आपको एहतियातन कोई दवा लेनी चाहिए या नहीं।
2. एक्जिमा जैसे रोगों से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि बाहर जाने से पहले अपनी त्वचा और चेहरे पर तेल, पेट्रोलियम जेली या फेस क्रीम की मोटी परत लगाएं। अपने बालों में भी खूब सारा तेल लगा लें ताकि डाइ और रंगों में मौजूद हानिकारक पदार्थ आपके बालों और सिर की त्वचा से न चिपकें।
3. पूरी बाजू के कपड़े पहनें। शॉर्ट्स के बजाय पूरी लंबाई की पैन्ट पहनें ताकि जहां तक हो सके आपकी त्वचा ढँकी हुई रहे।
4. होली खेलने के बाद धूप में न बैठें। इससे त्वचा को और ज़्यादा नुकसान पहुंच सकता है। अगर आप घर के बाहर होली खेल रहें हैं, तब भी छाया में ही रहें।
5. अपने नाखूनों से रगड़ कर रंग को निकालने की कोशिश न करें। अपने शरीर और चेहरे के लिए ग्रेन्यूलर स्क्रब का इस्तेमाल करें।
6. अपने बालों को रंग निकालने के लिए 2-3 बार धोएं। नहाने के बाद शरीर और चेहरे पर बहुत सारा मोइश्चराइज़र लगा लें।
7. अच्छी क्वालिटी के नेचुरल रंगों से ही होली खेलें जिससे त्वचा को रंगों का खामियाजा न भुगतना पड़ें।