अब आप हर्बल कॉफी पीकर ही मधुमेह से राहत पा सकते हैं। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में आयुर्वेदिक औषधियों से इसे तैयार किया गया है। चार औषधियों को मिलाकर बनाए गए लोधाद्रि कसाय को ‘हर्बल कॉफी’ नाम दिया गया है।
शोधकर्ताओं का दावा है कि इस हर्बल कॉफी के सेवन से मधुमेह का उपचार काफी हद तक संभव हो सकता है।
आयुर्वेद संकाय के प्रोफेशर केआरसी रेड्डी ने इस दवा को खोज निकाला है। यह मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण साबित हो रही है। क्लीनिकल ट्रायल के बाद अब बीएचयू के आयुर्वेद अस्पताल में मधुमेह के मरीजों को हर्बल कॉफी का पाउच मुफ्त दिया जा रहा है।
इसके बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इस शोध को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजा जाएगा।
16वीं शताब्दी में दक्षिण भारत के वल्लभाचार्य ‘वैद्य चिंतामणि’ और नीलकंठ बसवराज ने ‘बसवराइजम’ आयुर्वेद ग्रंथ में औषधियों से मधुमेह को ठीक करने का जिक्र किया गया है।