हाल में हुए एक शोध में बहरेपन से जुड़ी नई जानकारी मिली है। शोध की मानें तो अवसाद में रहने वाले लोगों को बहरेपन का रिस्क अधिक होता है।
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अमेरिकी शोध में शोधकर्ताओं ने 18 साल व इससे अधिक उम्र के पुरुषों और महिलाओं पर अध्ययन किया और इस आधार पर महिलाओं के लिए इस खतरे को बड़ा माना है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर माना है कि अवसादग्रस्त प्रतिभागियों को सुनने में परेशानी 11.4 प्रतिशत अधिक हो सकती है जबकि सामान्यतः उम्र के साथ बहरेपन की आशंका 5.9 प्रतिशत बढ़ती है।
हालांकि शोधकर्ता फिलहाल इसके पीछे की वजह पर अध्ययन ही कर रहे हैं पर इतना जरूर तय है कि अवसाद की अवस्था का संबंध सुनने की क्षमता से संबंध है।