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मानसून की मस्ती, कहीं सेहत मटियामेट न हो जाए

Sat, 29 Jun 2013 12:00 PM IST
फीचर डेस्क
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जिस मानसून का इंतजार था, वो आप तक पहुंच चुका है। झमाझम बारिश का आप आनंद भी ले रहे होंगे। क्या बच्चे, क्या बड़े, हर कोई इस बारिश को एंन्जॉय कर रहा है। लेकिन इस मस्ती के साथ्ा आपको सेहत और घर के रखरखाव से जुड़ी कुछ बातों को भी ध्यान में रखना होगा। तभी आप मानसून को सही तरीके से सेलिब्रेट कर पाएंगे।  
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मानसून का हेल्थ सीक्रेट
बारिश गर्मी से राहत देती तो है, लेकिन साथ में सेहत से जुड़ी परेशानियां भी लेकर आती है। वातावरण में मौजूद नमीं की वजह से बैक्टीरिया इन दिनों ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। इसालिए मानसून में संक्रमण से होने वाली बीमारियों के होने की आशंका बढ़ जाती हैं। जिसमें कॉलरा, टायफाइड, खांसी, निमोनिया, डायरिया, हेपेटाइटिस, टॉंन्सिलाइटिस और पेट से संबंधित बीमारियां मुख्य हैं। त्वचा संबंधित रोग, जैसे खुजली और एलर्जी के अलावा आंखों में कंजंक्टिवाइटिस की समस्या भी होने लगती है।

इन समस्याओं से बचने के लिए आपको साफ-सफाई के अलावा खानपान पर भी खास ध्यान देना होगा। इन्फेक्शन से बचने के लिए एंटी-बैक्टीरियल साबुन के साथ टेलकम पाउडर का इस्तेमाल करें।
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अदरक और अजवाइन मिले सरसों तेल की मालिश त्वचा को इन्फेक्शन से बचाती है। नाक जाम हो, तो अदरक पाउडर सूंघें। तुलसी पत्ता और काली मिर्च को मिक्स कर चाय पिएं, मौसम के असर से बचे रहेंगे। इन दिनों एक्सरसाइज में कपालभांति और प्राणायाम आपके लिए सही रहेगा। मगर इसे एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें।

फूड प्वॉइजनिंग से बचें
डाइटिशियन सोनिया नारंग कहती हैं कि बारिश के मौसम में फूड प्वॉइजनिंग का खतरा अधिक रहता है। इसलिए इन दिनों मसालेदार भोजन पर जोर देने के बजाय हल्का भोजन करें। खाना पूरी तरह से पका हुआ हो। बाहर का खाना खाने या फिर अधिक ठंडे पदार्थों का सेवन भी फूड प्वॉइजनिंग का कारण हो सकता है।

बहुत दिनों तक फ्रिज में रखा हुए खाना खाने से बचें। भोजन पकाने के दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखने या फिर बिना धोए सब्जियों के इस्तेमाल करने से भी फूड प्वॉइजनिंग की समस्या हो सकती है।

अदरक वाली चाय लाजवाब
हॉट बेवरेज जैसे ग्रीन टी, लाइम टी, अदरक वाली चाय आपको तरोताजा ही नहीं करते, बल्कि इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं। तो फिर बारिश के साथ गर्मा-गर्म चाय हो जाए। आप विटामिन-सी और ई का सप्लीमेंट लेकर भी इम्यूनिटी को मजबूत कर सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

यह त्वचा और बाल को स्वस्थ रखने के साथ आपको मानसून में सेहतमंद भी रखेंगे। एंटी-वायरल और एंटी फंगल गुणों से युक्त कच्चा लहसुन भी आप रोजाना चाय के साथ ले सकते हैं।
 
खाने में साफ-सफाई
डाइटिशियन डॉ. श्ाचि सोहल कहती हैं कि मानसून में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खाना खाने से पहले और बाद में हाथों की सही तरह से सफाई करें। यही नहीं, इन दिनों पानी भी जल्दी दूषित जाता है, जिसकी वजह से डायरिया और आंत से संबंधित बीमारियां ज्यादा होती हैं। इसलिए बरसात के शुरू होते ही पानी की साफ-सफाई को लेकर सजग रहें। उबालकर पानी पिएं। अगर बाहर यात्रा पर हैं, तो कहीं का खुला पानी पीने के बजाय बोतलबंद पानी पिएं। खाने में साफ-सफाई का ध्यान रखें। स्ट्रीट फूड खासकर पानी पूरी, भेल पूरी, भजिया आदि बाहर न खाएं।

अगर बाहर खाना ही हो, तो हरी सब्जियां जैसे पालक पनीर, मेथी मलाई, गोभी की सब्जी ऑर्डर न करें। बीन्स या अन्य मौसमी सब्जियां ले सकती हैं।

काफी देर पहले कटे फल या सब्जियों को खाने से परहेज करें। गोला, जूस और कुल्फी से दूर रहें, तो ही ठीक रहेगा। कच्ची सब्जियां या सलाद हरगिज न लें। खासकर कैंटीन, सड़कों तथा ढाबों में सलाद का सेवन असुरक्षित होता है। फल खाने या सब्जियों को काटने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।

क्या खाएं
मानसून के मौसम में ज्यादा तथा गरिष्ठ भोजन से दूर रहें। इससे वात की समस्या हो सकती है। सोयाबीन, राजमा, चना आदि का कम-से-कम सेवन करें। साबुत मूंग की सब्जी या मूंग दाल खाना आपके लिए ठीक रहेगा। खट्टी चीजें जैसे टमाटर, इमली, अचार आदि पित्त बनाते हैं। इसलिए इनसे दूर रहें। बाजार के डेयरी फूड जैसे पनीर आदि का सेवन कम कर दें। दही और बासी भोजन से दूर रहें।

सिट्रस फ्रूट्स, जैसे- नारंगी, नींबू, आंवला, कीवी में मौजूद विटामिन-सी इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। इन्हें अपनी डाइट में शामिल करें। विटामिन-ई युक्त बादाम या अखरोट भी आप भिगोकर ले सकती हैं। करेला, मेथी पत्ता या साबुत मेथी सब्जी के रूप में खाएं या अन्य चीज में मिलाकर, यह आपको लाभ ही देगा।  नीम का पानी या पत्तियों का भी सेवन कर सकती हैं।

एंटीसेप्टिक गुण वाले मसाले रोजाना के खाने में इस्तेमाल करें। जैसे हल्दी, अदरक, लहसुन, हींग, काली मिर्च आदि। ऐसे मौसम में उबले आलू तथा सब्जियों का सेवन सुपाच्य माना जाता है। इसके साथ-साथ भोज्य पदाथों में प्याज की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। मक्का, बाजरे के आटे में अत्यधिक पोषक तत्व होते हैं, जिसका सेवन करना चाहिए। ताजा फल दिन में लिया जा सकता है।
 
दस्त के साथ पेट में गुड़गुड़ाहट होने पर ताजा छाछ पी जा सकते है। इसके अलावा एंटी-ऑक्सीडेंटयुक्त चीजें डाइट में शामिल करें। इससे इन्फेक्शन नहीं होता। नारियल पानी के साथ नाश्ते में दाल और अनाज को शामिल करें। मल्टीग्रेन चपाती, दाल, पनीर, सोया, ग्रिल्ड चिकन या फिश लें।

अगर आप फल खाने के शौकीन हैं, तो सेब, आम, नाशपाती और अनार खाएं। लेकिन तरबूज और खरबूजे से दूर रहें। और हां, आम भी सीमित मात्रा में ही खाएं। सूप हो या सब्जियां, लहसुन का इस्तेमाल जरूर करें।
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