कभी-कभी छोटे बच्चों को ठीक से बोलने में परेशानी होती है। अक्सर बच्चों की इस परेशानी को नजरअंदाज कर दिया जाता है लेकिन इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि ठीक से ना बोलने का कारण सुनाई कम देना भी हो सकता है। कम सुनाई देने की समस्या का कारण है कान में भरी वैक्स।
कानों में जमा होने वाली वैक्स (मैल) लोगों को हियरिंग लॉस व बच्चों में डिलेड स्पीच की तरफ ले जाती है। कान के अंदर 24 मिलीमीटर की एक्सटरनल ऑडिटरी कैनाल होती है।
इसमें सेरुमिनस और नाइलोसीबेशियस ग्रंथियां पायीं जाती हैं। इन दोनों ग्रंथियों के सिक्रेशन (स्राव) से वैक्स बनती है। वैक्स की मात्रा हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है लेकिन अगर वैक्स अधिक मात्रा में होती है तो इससे कान की कैनाल बंद हो जाती है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. रेखा सिंह से जानिए वैक्स से होने वाले नुकसान।
वैक्स का नुकसान
- सुनने में परेशानी।
- सांय-सांय की आवाज आना।
- कान में दर्द।
- चक्कर आना।
उपचार
कान में वैक्स जमा होने को गंभीरता से लेना चाहिए। जिनके कान में बनने वाली वैक्स हार्ड होती है, उसे वैक्स डिजोल्व करने वाली दवाई से सॉफ्ट किया जाता है और उसे निकाला जाता है। अगर वैक्स ज्यादा मात्रा में बनती है तो साल में कम से कम एक बार वैक्स जरूर साफ करवानी चाहिए।
यह न करें
- तेल न डालें, इससे इंफेक्शन हो सकता है।
- ईयर बड से भी सफाई न करें। यह वैक्स को और अंदर धकेल देता है।
- रोड पर चलने वाले, स्टेशन या बस अड्डे पर बैठे कान साफ करवाने वालों से सफाई नहीं करवानी चाहिये। इससे भी इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।