बरसात का मौसम जहां एक ओर गर्मी से राहत के चार पल ले आता है वहीं इस मौसम में आमतौर पर होने वाले संक्रमण और रोग आपकी सेहत पर संकट के बादलों की तरह छा जाते हैं। जरा सी चूक और आप बीमारियों की चपेट में।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. के.सी. सूद बताते हैं कि टायफाइड, पीलिया, मलेरिया, डेंगू, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियों जैसे कई रोगों के अलावा इस मौसम में वायरल संक्रमण भी तेजी से फैलते हैं। इन दिनों वायरल हेपेटाइटिस (संक्रामक हेपेटाइटिस) भी तेजी से फैला है। ये न सिर्फ वायरल बुखार बल्कि फूड प्वाइजनिंग के रूप में पाया जा रहा है।
क्या है वायरल हेपेटाइटिस
वायरल हेपेटाइटिस वायरल संक्रमण से होने वाला लिवर का रोग है। यह हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई नामक वायरस से हो सकता है जिसमें हेपेटाइटिस ए से होने वाला संक्रमण सबसे सामान्य है।
ये हैं लक्षण
वायरल हेपेटाइटिस के कुछ लक्षण हैं। हो सकता है आपको ये लक्षण सामान्य लगे लेकिन इनकी अनदेखी लिवर फेल होने या बहुत अधिक ब्लीडिंग में भी बदल सकती है। इसलिए समय रहते इसके लक्षणों को पहचानें और डॉक्टर से मिलें। प्रमुख लक्षण हैं-
- तेज बुखार।
- शरीर में दर्द।
- घबराहट, उबकाई व उल्टी।
- लूज़ मोशन लगना।
- आंखों में या त्वचा पर पीलापन।
- पीली पेशाब होना।
ऐसे बचाव करें
इलाज से बेहतर हमेशा बचाव है। बरसात के मौसम में इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देंगे तो इस संक्रमण से बचे रहेंगे।
- बाहर के भोजन या बाहर के पानी से बचें, हो सके तो बाहर निकलते वक्त पानी की बोतल भी घर से ही लेकर चलें।
- गंदी जगहों पर लगे ठेलों से स्नैक्स या जूस न लें।
- पानी उबालकर पिएं।
- घर व आसपास की जगहों में पानी इकट्ठा न होने दें और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- कटे हुए फल देर तक न रखें, उन्हें तुरंत खा लें।
- दिन में बार-बार हाथ साबुन से साफ करें।