वजन घटाने की धुन हो या फिर सेहतमंद डाइट की चाहत, डाइट में जूस का सेवन अगर जरूरत से ज्यादा करते हैं तो यह आपके लिए मानसिक रोग का कारण हो सकता है।
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट का मानना है कि बहुत अधिक जूस के सेवन द्वारा वजन पर नियंत्रण रखने की कोशिश में कई बार लोग इसे डाइट के विकल्प के तौर पर देखने लगते हैं और भोजन छोड़ना शुरू कर देते हैं।
साइकोथेरेपिस्ट सारा शमा ने जूस को भोजन के विकल्प के तौर पर देखने और इसके सेवन के बाद भोजन छोड़ने की मनोस्थिति को 'जूसरेक्सिया' रोग का नाम दिया है।
उन्होंने डेलीमेल वेबसाइट को बताया, ''बहुत अधिक जूस के सेवन से भोजन छोड़ने की प्रवृत्ति हो सकती है जो कई बार इतनी प्रबल हो जाती है कि यह एक मानसिक रोग का रूप ले सकती है। इस स्थिति में व्यक्ति जूस को ही भोजन का विकल्प मान लेता है और भोजन छोड़ना शुरू कर देता है।''