क्या आपको अक्सर सिरदर्द की समस्या रहती है? कई बार सिरदर्द की वजह आपका खानपान भी हो सकता है जिसपर आप कभी गौर नहीं करते। लेकिन अगर आप अपने रुटीन और डाइट पर थोड़ा गौर करें तो आप सिर्फ उनपर नियंत्रण से ही अक्सर होने वाले सिरदर्द से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानें, आपकी डाइट में ऐसी क्या चीजें हो सकती हैं जिनसे सिरदर्द होने की आशंका बढ़ती है।
एल्कोहल
शराब यानी एल्कोहलिक ड्रिंक्स के सेवन के बाद अक्सर लोगों को सिरदर्द, जिसे कई बार हम हैंगओवर भी कहते है, बहुत परेशान करता है। एल्कोहल में टायरामाइन नामक तत्व अधिक मात्रा में होता है जो सिरदर्द व डीहाइड्रेशन की स्थिति पैदा करता है। यह एक प्रकार का अमीनो एसिड है जो खून के पतदला होने में बाधा पैदा करता है और शरीर में सेरोटोनिन का स्तर बढ़ाता है जिसकी वजह से लोगों को तेज सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।
चॉकलेट
एल्कोहल की तरह ही चॉकलेट्स में भी सेरोटोनिन का स्तर बढ़ाने वाले अमीनो एसिड- टायरामाइन की अधिकता होती है। चॉकलेट का अत्याधिक सेवन औपको सिरदर्द तो देता ही है, साथ ही चिकित्सक माइग्रेन के रोगियों को चॉकलेट न खाने की सलाह देते हैं।
कॉफी
रोज कॉफी पीने वाले लोग एक दिन कॉफी न पिएं तो उन्हें सिरदर्द हो जाता है। वजह यह नहीं है कि उन्होंने कॉफी नहीं पी, वजह यह है कि वह रोज कॉफी पीने के आदी हो चुके हैं। ऐसे में कॉफी न पीने पर उन्हें सिरदर्द, घबराहट या चिढ़चिढ़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
चीज़
नाश्ते में या स्नैक्स में चीज़ युक्त डाइट लेना भले ही कितना भी स्वादिष्ट क्यों न लगे लेकिन इससे भी आपको सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। इसमें फैट्स के साथ-साथ टायरामाइन अधिक मात्रा में होता है जिससे आपको सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।
आइस क्रीम
वैसे तो यह मौसम आइस क्रीम खाने का कतई नहीं है लेकिन गर्मियों के इंतजार के साथ-साथ आइस क्रीम खाने की इच्छा तो बढ़ती ही जाती है। लेकिन जरूरत से ज्यादा आइसक्रीम खाना आपके सिरदर्द का कारण हो सकता है, इस बात को आप कतई न भूलें। अक्सर चिकित्सक आइसक्रीम के सेवन को भी माइग्रेन का ट्रिगर मान सकते हैं।