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रोजाना ऐसी डाइट बढ़ाती है स्ट्रोक का खतरा

Thu, 14 Feb 2013 09:37 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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बदलती जीवनशैली में स्ट्रोक का खतरा आज न सिर्फ उम्रदराज बल्कि कम उम्र के लोगों के लिए भी बढ़ गया है। स्ट्रोक यानी शरीर के ब्लड वेसल में ब्लॉकेज के कारण मस्तिष्क मे ऑक्सीजन की कमी से होने वाला दौरा हमारी बिगड़ी जीवनशैली और गलत खानपान का ही नतीजा है।
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हमारी रुटीन में हम अक्सर ऐसी कई चीजों का सेवन करते हैं जिनसे स्ट्रोक का खतरा और भी बढ़ जाता है। अगर आप इससे दूर रहना चाहते हैं तो खानपान को अनुशासित करें और ऐसी डाइट से दूरी बरतें।

डाइट सोडा
आमतौर पर लोगों को लगता है कि कोल्डड्रिंक के बजाय डाइट सोडा पीने से कैलोरी कम होंगी। कैलोरी कम होंगी या नहीं होंगी, इसका तो पता नहीं लेकिन स्ट्रोक का खतरा जरूर बढ़ जाएगा। कई शोधों में यह बात अब प्रमाणित हो चुकी है कि जो लोग प्रतिदिन डाइट सोडा पीते हैं उनमें स्ट्रोक का खतरा सामान्य लोगों की अपेक्षा 48 प्रतिशत अधिक होता है। यह मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है जिससे स्ट्रोक व दिल के रोगों का खतरा बढ़ जाता है।    
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प्रोसेस्ड मीट
वैसे तो प्रोसेस्ड भोजन ही सेहत के लिए बहुत फायदेमंद नहीं है लेकिन प्रोसेस्ड मीट से स्ट्रोक का खतरा बढ़ने की आशंका सबसे अधिक होती हैं। कई शोधों में साबित हुआ है कि बहुत अधिक प्रोसेस्ड मीट खाने वाले लोगों में सामान्य लोगों की अपेक्षा स्ट्रोक का खतरा 42 प्रतिशत अधिक होता है। चिकित्सकों का मानना है कि प्रोसेस्ड मीट में सोडियन नाइट्रेट व नाइट्रेट की मात्रा अधिक होती है जो शरीर के लिए हानिकारक है।

चिप्स और पैकटबंद बेक्ड स्नैक्स
कितने शौक से हम बाजार से चिप्स व पैकटबंद बेक्ड स्नैक्स खरीदकर खाते हैं लेकिन इसमें मौजूद ट्रांस फैट्स से शरीर में जलन और सी-रिएक्टिव प्रोटीन का स्तर बढ़ता है जिससे स्ट्रोक की आशंका अधिक हो जाती है। खासतौर पर पैकटबंद पॉपकॉर्न, फ्रेंच फ्राई, केक आदि में ट्रांस फैट्स अधिक मात्रा में होता है।

रेड मीट
रेड मीट के शौ1कीन मांसाहारियों को भी थोड़ा संभल जाना चाहिए। 'स्ट्रोक' नामक जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक प्रतिदिन अधिक मात्रा में रेड मीट खाने वाले लोगों में स्ट्रोक का खतरा सामान्य लोगों की अपेक्षा 42 प्रतिशत अधिक रहता है। इसमें मौजूद सैचुरेटेड फैट्स धमनियों को ब्लॉक कर देता है जिससे स्ट्रोक पड़ सकता है।   
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