अगर आपका बच्चा ब्रेकफास्ट करने में आनाकानी करना है, वह पर्याप्त नाश्ता नहीं करता है। तो आपको चिंता करने की जरुरत है। हाल ही में ही हुए एक शोध के अनुसार यह पता चला है कि नियमित रूप से नाश्ता करने वाले बच्चों में टाइप 2 का खतरा कम होता है।
ब्रिटेन के सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के शोधकर्ता एंजोले डोनिन के अनुसार एक शोध में पता चला है कि जिन बच्चों के नाश्ते में उचित फाइबर युक्त अनाज होता है वह बच्चों में टाइप 2 डायबटीज का खतरा कम करता है।
ब्रिटेन में 9-10 साल के 4,116 बच्चों पर एक शोध किया गया। इस शोध में इस बात का विशेष ध्यान दिया गया कि बच्चों ने किस प्रकार का नाश्ता लिया और कब लिया। डायबटीज के परिणाम के लिए खून की जांच की गई।
जांच से पता चला कि जिन बच्चों ने प्रतिदिन नियमित रूप से नाश्ता नहीं किया। उन बच्चों में 26 प्रतिशत ऐसे बच्चे पाए गए जिन्हें आगे चलकर टाइप 2 डायबटीज होने की अधिक आंशका है।