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तंबाकू से जुड़े इन विवादों ने खड़े किए हैं कई सवाल

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महज 28 साल की उम्र में तंबाकू खाने से कैंसर के कारण जान गंवाने वाली सुनीता तोमर अकेली नहीं है। लेकिन सुनीता ने जाते-जाते यह सवाल जरूर खड़ा किया कि प्रशासन के प्रयासों में ऐसी कौन सी कमी है जिसके कारण आम लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसानों का पता ही नहीं लग पाता है और यह जहर धड़ाधड़ बिकता आ रहा है।
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ये सुनीता वही शख्सियत है जिसने प्रधानमंत्री को चिट्ठी भेजकर तंबाकू को लेकर जागरूकता पर प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग की थी। सुनीता पिछले साल तंबाकू के खिलाफ 30 सेकंड के सरकारी विज्ञापन में नजर आई थीं।

तंबाकू पर प्रतिबंध हो या न हो, इसे लेकर विवादों का पूरा इतिहास है। सुनीता की मौत के बाद अब तंबाकू पर प्रतिबंध से जुड़े प्रयासों और विवादों पर डालें एक नजर।
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'तंबाकू से कैंसर होता है इसा कोई भारतीय सर्वेक्षण नहीं है'

तंबाकू से कैंसर हो सकता है इसा कोई भारतीय सर्वेक्षण नहीं है। यह बात किसी आम आदमी ने नहीं बल्कि भाजपा सांसद दिलीप गांधी ने कही जिसे लेकर भी काफी विवाद हुआ।

दिलीप गांधी के इस बयान ने न केवल विपक्षी पार्टियों को मौका दिया बल्कि सोशल मीडिया पर इसकी जमकर भर्त्सना की गई। ट्विटर जैसी सोशल वेबसाइट्स पर कई नामी चेहरों ने इसका खुलकर विरोध किया जिसमें उन्होंने कहा क‌ि गोमांस पर प्रतिबंध से अधिक महत्वपूर्ण तंबाकू पर प्रतिबंध है।

सरकार को इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी देनी पड़ी और राज्य पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने गांधी के इस कथन के लिए मापी मांगी और सफाई दी कि सरकार किसी भी हालत में इस तरह के बयानों का समर्थन नहीं कर सकती।
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तंबाकू पर हमेशा रहा है विवादों का इतिहास

तंबाकू व सिगरेट के सेवन से सेहत को किन नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है इसकी जानकारी व्यवस्थित तरह से पैकेट पर हो, इस पर कानून भले ही कुछ महीनों पहले बना हो लेकिन इससे जुड़े विवाद 1975 से घिरते रहे हैं।

तंबाकू को लेकर पहला कानून 1975 में रेगुलेशन ऑफ प्रोडक्शन, सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्ट के तहत बना था जिसमें सिगरेट व तंबाकू के पैकेट पर चेतावनी लिखने के निर्देश थे।

इसके बाद 2004 में प्रभावी कानून के तहत किसी भी शिक्षण संस्थान से 100 यार्ड की दूरी तक तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर बैन लगाया। कई राज्यों में तंबाकू की बिक्री को लेकर तरह-तरह के कानून बने हैं। 2008 एक्ट में राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल, अस्पताल जैसे स्थलों के आसपास तंबाकू बेचने पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
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