नियमित रूप से गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन महिलाओं की मानसिक सेहत के लिए एक खतरे की वजह हो सकता है। हाल में हुए शोध में ऐसा दावा किया गया है।
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अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी में प्रस्तुत शोध की मानें तो नियमित तौर पर गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने वाली महिलाओं में मल्टिपल सिरोसिस नामक रोग का रिस्क 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
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शोधकर्ताओं का मानना है कि 20 से 40 वर्ष की आयु तक की महिलाओं में गर्भनिरोधक दवाओं से इस खतरे की अधिक आशंका है।
शोध में यह भी माना गया है कि कम उम्र में मोटापे की शिकार महिलाओं में यह खतरा और भी अधिक होता है क्योंकि उनके शरीर में संबंधित हार्मोन अधिक बनते हैं।
शोध के दौरान गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने वाली 3,050 महिलाओं का अध्ययन किया गया है और इस आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।