फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्भनिरोधक गोलियों से हो सकता है यह खतरा

Mon, 03 Mar 2014 11:04 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
नियमित रूप से गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन महिलाओं की मानसिक सेहत के लिए एक खतरे की वजह हो सकता है। हाल में हुए शोध में ऐसा दावा किया गया है।
विज्ञापन


पढ़ें - गर्भवती महिलाओं के लिए पेरासिटामोल का बड़ा है यह नुकसान

अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी में प्रस्तुत शोध की मानें तो नियमित तौर पर गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने वाली महिलाओं में मल्टिपल सिरोसिस नामक रोग का रिस्क 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

पढ़ें - प्रेगनेंसी में पपीता: फायदेमंद या नुकसानदायक

शोधकर्ताओं का मानना है कि 20 से 40 वर्ष की आयु तक की महिलाओं में गर्भनिरोधक दवाओं से इस खतरे की अधिक आशंका है।

शोध में यह भी माना गया है कि कम उम्र में मोटापे की शिकार महिलाओं में यह खतरा और भी अधिक होता है क्योंकि उनके शरीर में संबंधित हार्मोन अधिक बनते हैं।

शोध के दौरान गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने वाली 3,050 महिलाओं का अध्ययन किया गया है और इस आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें