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कैंसर पीड़ितों के लिए वरदान बनी 'दस पैसे की गोली'

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कैंसर से पीड़ित लोगों के लिए एक खुशखबरी है। एक शोध से पता चला है कि स्टैटिन नाम की दवाई से कैंसर पीड़ितों के बचने की संभावना 55 प्रतिशत बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोलेस्टेरोल कम करने वाली इस दवा का रोज सेवन करने से कैंसर की बीमारी से होन वाली मौत को रोका जा सकता है।
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इस अध्ययन को करने वाली ऐंग वांग का कहना है कि वे इसके नतीजों को देख कर काफी उत्साहित हैं। शोध में देखा गया कि स्टैटिन लेने से स्तन, प्रोस्टेट, आंत और गर्भाशय कैंसर से मरने वालों की संख्या में 40 प्रतिशत की गिरावट आई।

वहीं जब सभी प्रकार के कैंसर पर इसे जांचा गया तो यह सामने आया कि इस दवा को लेने वाले मरीजों की मृत्यु दर 20 प्रतिशत तक कम हुई। सबसे ज्यादा असरदार यह हड्डी के कैंसर के मामलों में दिखी, जिसमें 55 प्रतिशत की कमी आई।
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बड़े काम की गोली

मैनचेस्टर के क्रिस्टी कैंसर केंद्र के प्रोफेसर नोयल क्लार्क का कहना है,''इस शोध से स्टैटिन लेने वालों की संख्या बढ़ी है। सभी नतीजे यह बताते हैं कि स्टैटिन कैंसर विरोधी असर पैदा करती है।'' हालांकि अमेरिका का यह शोध यह नहीं बताता कि इसे लेने से कैंसर होने की संभावना कम या खत्म हो जाएगी।

वांग की टीम ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन की 1,50,000 महिलाओं पर यह शोध किया। इस खोज को शिकागो में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल औनकोलॉजी (कर्करोगविज्ञान) की वार्षिक गोष्टी के दौरान प्रस्तुत किया गया था।

ब्रिटेन में 8 मिलियन लोग स्टैटिन का सेवन करते हैं जो दिल कै दौरे पड़ने से बचाती है। इसकी कीमत दस पैसे प्रति दिन है। स्टैटिन के बढ़ते उपयोग ने इससे होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर विवाद खड़े कर दिए हैं। मांस पेशियों में भयानक दर्द होना इसका एक दुष्प्रभाव है।
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