आज के दौर में महिलाओं के लिए सिजीरियन डिलीवरी भले ही अब कोई बड़ी बात न लगे लेकिन इसका खामियाजा दूसरी बार डिलीवरी के दौरान जरूर भुगतना पड़ सकता है।
हाल में एक शोध में पाया गया है कि जिन महिलाओं की आपात स्थिति में सिजीरियन डिलीवरी होती है, दूसरी डिलीवरी के दौरान शिशु के मृत पैदा होने का रिस्क 12 प्रतिशत तक अधिक रहता है।
वहीं शोधकर्ताओं ने यह भी माना कि जो महिलाएं बिना किसी दिक्कत के दर्द से बचाव के लिए प्लान तरीके से ऑपरेशन करवाती हैं, उन्हें दोबारा गर्भ धारण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ कॉर्क के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में ये भी माना है कि सिजीरियन डिलीवरी से महिलाओं की फर्टिलिटी को बड़ा रिस्क है।
शोधकर्ता सिओबाह ओ नील ने बताया कि उन्होंने डेनमार्क की महिलाओं के पिछले 30 सालों के मामलों का परीक्षण किया है और इसी आधार पर उन्होंने ये निष्कर्ष निकाले हैं।
शोधकर्ता सिजीरियन डिलिवरी, फर्टिलिटी और दूसरी डिलीवरी के संबंधों पर अभी और अध्ययन कर रहे हैं और इनसे जुड़े ठोस साक्ष्यों की तलाश में हैं। फिर भी नील का मानना है कि नॉर्मल डिलीवरी सबसे सुरक्षित तरीका है और ऑपरेशन को हमें केवल आपातकालीन विकल्प के रूप में ही देखना चाहिए।