हफ्ते भर से अधिक समय तक तेज बुखार अमूमन वायरल या डेंगू जैसे संक्रमणों का नतीजा होता है लेकिन जरूरी नहीं कि हर तेज बुखार की वजह यही हो।
इन दिनों वायरल और डेंगू जैसे लक्षणों वाला तेज बुखार 'स्क्रब टाइफस' फैला है जो एक विशेष कीड़े के काटने से हो सकता है। हिमाचल प्रदेश में फैले इस संक्रमण के मामले अब दिल्ली और जयपुर जैसे शहरों में भी दिखे हैं।
टीओआई के अनुसार स्क्रब टाइफस के काटने से फैलने वाले इस बुखार के अब तक हिमाचल प्रदेश में 500 से भी अधिक मामले सामने आए हैं और छह लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि शुरुआती दौर में इसकी पहचान होने पर सामान्य एंटीबायोटिक्स से ही इसका इलाज संभव है लेकिन इसके लक्षणों को पहचानना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि यह डेंगू या वायरल बुखार से काफी मेल खाता है।
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर अरूप बसु ने टीओआई को बताया कि फिलहाल स्क्रब टाइफस के दस मामलों का इलाज गंगाराम अस्पताल में चल रहा है।
क्या है स्क्रब टाइफस
यह एक ऐसा बुखार है जो विशेष प्रकार के कीड़े - माइट लार्वा के काटने से होता है और लंबे समय बैक्टीरियल संक्रमण रहता है।
लक्षण
इस बुखार के दौरान तेज बुखार के साथ सिरदर्द, कफ, सांस लेने में दिक्कत, पेट में दर्द, जी मचलना और कीड़े के काटने का हल्का सा निशान हैं।
ऐसे करें बचाव
पार्क में टहलते वक्त जूते पहनें। चूहों में यह कीड़ा होता है इसलिए इनसे दूरी बरतें। अपने पालतू पशुओं को साफ रखें और पार्क या पेड़-पौधों के बीच जाने से पहले पूरी बाजू के कपड़े पहनें। बुखार तीन-चार दिनों से अधिक हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।