ब्रिटेन में नई माताओं को स्तनपान के लिए प्रोत्साहित करने के इरादे से 200 पाउंड या तकरीबन 20 हज़ार रुपए की पेशकश की जाने वाली है। यह रकम इन महिलाओं को शॉपिंग वाउचर की शक्ल में दी जाएगी।
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फिलहाल इसे साउथ यॉर्कशायर और डर्बीशायर के इलाक़ों में एक पायलट परियोजना के तौर पर शुरू किया जाएगा। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य कारणों से स्तनपान को प्रोत्साहित किए जाने की ज़रूरत महसूस की जा रही थी।
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इस योजना के लिए सरकारी मेडिकल रिसर्च से जुड़े संगठनों ने धन मुहैया कराने पर सहमति जताई है। जल्द ही एक तीसरे क्षेत्र में इस योजना को शुरू किए जाने की संभावना है। यहाँ अब से लेकर अगले मार्च तक माँ बनने जा रही 130 महिलाओं के पास इस परियोजना से जुड़ने का विकल्प रहेगा।
अगर इस कोशिश में कामयाबी मिलती है तो अगले साल इंग्लैंड में ये परियाजना राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जा सकती है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में वित्तीय सहायता देने का चलन नया नहीं हैं।
पहले भी लोगों को धूम्रपान छोड़ने या वज़न कम करने के लिए प्रोत्साहित करने के इरादे से ऐसी कोशिशें की जा चुकी हैं। लेकिन स्तनपान को लेकर ऐसी कोशिश पहली बार की जा रही है और वह भी इतने बड़े पैमाने पर।
इस योजना के तहत शेफील्ड और चेस्टरफील्ड के खास इलाकों में रह रहीं माताओं को ऐसे वाउचर दिए जाएंगे जिन्हें वे सुपरमार्केट या दुकानों में भुना सकेंगी। इन इलाकों को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहाँ स्तनपान कराने की दर कम दर्ज की गई है।
यहाँ औसतन चार में से एक माँ छह से आठ हफ़्ते तक स्तनपान कराती हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 55 फीसदी का है। 200 पाउंड के पुरस्कार के लिए एक माँ को अपने बच्चे को छह महीने तक स्तनपान कराना होगा।
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हालांकि जो महिलाएँ अपने बच्चे को पहले छह हफ्ते तक स्तनपान कराएंगी उनके लिए भी 120 पाउंड की पुरस्कार राशि तय की गई है। महिलाएँ बच्चों को स्तनपान करा रही हैं या नहीं, इस पर नज़र रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों को कहा गया है।
इस परियोजना के पीछे काम कर रही टीम का कहना है कि स्तनपान न कराने से स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें पैदा होती हैं।
शोध के नतीजे बताते हैं कि स्तनपान कराने से पेट या छाती से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होता है और आगे चलकर बच्चे बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई कर पाते हैं।