वैसे तो तुलसी के पत्तों के फायदों की फेहरिस्त बहुत लंबी है लेकिन हाल में वैज्ञानिक इसकी एक बड़ी उपयोगिता का दावा कर रहे हैं।
वेस्टर्न केंचुकी यूनिवर्सिटी में कुछ भारतीय मूल के वैज्ञानिकों ने तुलसी पत्ते से कैंसर के हर प्रकार पर रोकथाम में सफलता का दावा करते हुए इससे दवा बनाने पर काम शुरू किया है।
शोधकर्ता चंद्रकांत इमानी के अनुसार, ''तुलसी के पत्तों में यूजेनॉल नामक तत्व है जो कैंसर को रोकने में बहुत प्रभावी है। इसकी मदद से एंटी कैंसर दवाओं को तैयार किया जा सकता है।''
शोधकर्ताओं ने यूजेनॉल की मदद से पहले ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को रोकने में सफलता प्राप्त की और अब वह इससे हर तरह की कैंसर की कोशिकाओं को रोकने का प्रयोग कर रहे हैं।
इमानी बताते हैं, ''हमने यूजेनॉल को कैंसर की कोशिकाओं से भरी प्लेट पर रखा औप पाया कि इसकी मौजूदगी से कैंसर की कोशिकाओं का विकास रुक गया। मान सकते हैं कि इसके लंबे समय तक इस्तेमाल से कैंसर को रोकना पूरी तरह संभव हो सकता है।''