फेफड़े के अलावा हड्डियों में भी होती है टीबी
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एक्स्ट्रापल्मोनरी ट्यूबरकुलोसिस- हड्डियों में टीबी
फेफड़ों के बाहर के अंगों में होने वाली टीबी को एक्स्ट्रापल्मोनरी ट्यूबरकुलोसिस कहा जाता है। सभी प्रकार के टीबी का 15-25% मामले एक्स्ट्रापल्मोनरी ट्यूबरकुलोसिस वाले होते हैं। फेफड़ों के अलावा लिम्फ नोड्स, पेट, हड्डियों और तंत्रिका तंत्र में भी टीबी हो सकती है।
हड्डियों में टीबी तब होती है जब टीबी के बैक्टीरिया हड्डियों या जोड़ों में पहुंचकर संक्रमण पैदा करते हैं। रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइन, कूल्हे और घुटनों में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जाता रहा है। रीढ़ की टीबी को पॉट्स डिजीज भी कहा जाता है।
अगर आपको लंबे समय से हड्डियों-जोड़ों में दर्द रहता है और सामान्य उपचार से ठीक नहीं हो रहा है तो हो सकता है ये टीबी हो।
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बोन टीबी की समस्या के बारे में जानिए
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हड्डियों में टीबी होती क्यों है?
हड्डियों में होने वाली टीबी को स्केलटन टीबी भी कहा जाता है। आम टीबी की तरह ये भी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के कारण ही होता है।
- जब बैक्टीरिया फेफड़ों या अन्य संक्रमित हिस्सों से रक्तप्रवाह के माध्यम से हड्डियों में पहुंच जाते हैं तो हड्डियों में टीबी होती है।
- वैसे तो इस तरह की टीबी के मामले ज्यादा नहीं होते हैं, पर इसे सबसे गंभीर रूपों में से एक माना जाता है।
- यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह हड्डियों में गंभीर क्षति, विकृति और आपके लिए चलने-उठने में भी दिक्कतें पैदा कर सकता है।
- जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है, उनमें यह ज्यादा तेजी से फैलती है।
- इसके अलावा कुपोषण, लंबे समय तक स्टेरॉयड का उपयोग, एचआईवी संक्रमण के शिकार लोगों में भी हड्डियों की टीबी की खतरा बढ़ जाता है।
हड्डियों में टीबी का हो सकता है संक्रमण
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बोन टीबी की पहचान क्या है?
हड्डियों में टीबी के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं, शुरुआती चरणों में इसका पता लगाना मुश्किल होता है।
- हड्डियों-जोड़ों में लगातार दर्द रहता है, जो आराम करने पर भी कम नहीं होता तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए।
- प्रभावित हिस्से में सूजन और जकड़न हो सकती है।
- अगर रीढ़ की हड्डी प्रभावित हो, तो पीठ में दर्द, झुकने में कठिनाई, चलने में दिक्कत और पैरों में सुन्नपन या कमजोरी हो सकती है।
- मरीजों में फेफड़ों की टीबी की तरह हल्का बुखार, रात में पसीना, भूख कम लगने और वजन कम होने जैसी दिक्कतें भी बनी रहती हैं।
हड्डियों की टीबी कैसे ठीक होती है?
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बोन टीबी का इलाज कैसे होता है?
ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और अन्य जांच के जरिए इस टीबी का पता लगाया जाता है। जिन लोगों में बोन टीबी का पता चलता है उन्हें बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए दवाएं दी जाती हैं। इसका इलाज आमतौर पर 6 से 12 महीने तक चलता है।
कुछ मामलों में सर्जरी और अन्य थेरेपी की भी जरूरत हो सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को बीमारी के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। समय पर बीमारी की पहचान हो जाए तो इलाज आसान हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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