फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World TB Day: क्या टीबी से बचाव के लिए कोई वैक्सीन है? डॉक्टर्स की सलाह संक्रमण रोकने के लिए करें ये काम

Mon, 24 Mar 2025 01:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को टीबी से बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या टीबी के लिए कोई वैक्सीन है? इसके अलावा संक्रमण के जोखिमों को कम करने के लिए और क्या-क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं?
विज्ञापन
विश्व टीबी दिवस 2025 - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

World TB Day 2025: ट्यूबरक्लोसिस (तपेदिक या टीबी) एक गंभीर बीमारी है, वैश्विक स्तर पर इसके बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस बैक्टीरिया के कारण होने वाली ये संक्रामक बीमारी फेफड़ों को अटैक करती है, पर ये सिर्फ फेफड़ों तक ही सीमित नहीं है। हड्डी, फेफड़े, किडनी और हार्ट में भी टीबी का संक्रमण हो सकता है। 

विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा एक सवाल के जवाब में बताया कि भारत में टीबी के मामलों की दर कम हुई है। साल 2015 में प्रति एक लाख की जनसंख्या पर 237 लोगों को ये बीमारी थी जो 2023 में 17.7 प्रतिशत घटकर प्रति एक लाख की जनसंख्या पर 195 हो गई है। टीबी से होने वाली मौतों में भी 21.4 प्रतिशत की कमी आई है, जो 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 28 से घटकर 2023 में प्रति लाख जनसंख्या पर 22 हो गई है।

साल 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया था हालांकि अभी ये काफी कठिन नजर आ रहा है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को टीबी से बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या टीबी संक्रमण की रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन है? इसके अलावा संक्रमण के जोखिमों को कम करने के लिए और क्या-क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं?

विज्ञापन

भारत में टीबी की बीमारी एक बड़ी चुनौती - फोटो : Amar Ujala
टीबी का खतरा

नोएडा स्थित एक अस्पताल में श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ रेनू सोनी बताती हैं, टीबी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ कारक संक्रमण होने के जोखिमों को काफी बढ़ा देते हैं। जिन लोगों के परिवार में किसी को ये बीमारी है, अगर आप  ऐसे संक्रमित लोगों के आस-पास रहते हैं तो इससे संक्रमण के फैलने का खतरा हो सकता है।

इसके अलावा जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या जिन्हें पहले से डायबिटीज, एचआईवी या फिर किडनी की गंभीर बीमारी है उन्हें भी टीबी का खतरा अधिक रहता है।

स्वास्थ्य कर्मियों के बीच टीबी के बढ़ते मामले

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए इस गंभीर खतरे को रेखांकित करते हुए एक नए अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में सामान्य आबादी की तुलना में स्वास्थ्यकर्मियों के बीच टीबी के मामले बहुत अधिक हैं। साल 2004 से 2023 के बीच किए गए 10 अलग-अलग अध्ययनों के विश्लेषण से पता चला है कि भारत में प्रति एक लाख स्वास्थ्य कर्मियों पर औसतन 2,391.6 मामले हैं। 


(ये भी पढ़िए- 2025 तक भारत से खत्म होना था टीबी लेकिन अब भी आ रहे लाखों केस, बिना लक्षणों वाले 40% मरीज)

टीबी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन - फोटो : Freepik.com
क्या टीबी से बचाव के लिए कोई वैक्सीन है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, टीबी के संक्रमण से बचाव के लिए टीके उपलब्ध हैं।
 
  • जिन देशों में टीबी के मामले बहुत आम है, वहां शिशुओं को बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) वैक्सीन लगाई जाती है। इस वैक्सीन की मदद से संक्रमण होने के खतरे और रोग की स्थिति में गंभीर जोखिमों से बचाव हो सकता है। कुछ कंपनियां टीबी की वैक्सीन विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही हैं, जिससे आने वाली वर्षों में इस संक्रामक रोग से बचाव आसान होने की संभावना है।  
 
 
  • चीन स्थित गुआंगझोउ लेबोरेट्री लंबे समय से श्वसन रोगों पर अध्ययन करती रही है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि यहां वैज्ञानिकों की एक टीम ऐसा टीका विकसित कर रही है जो आने वाले वर्षों में टीबी संक्रमण के बढ़ने की श्रृंखला को पूरी तरह से तोड़ सकती है। श्वसन रोग विशेषज्ञ, झोंग नानशान ने कहा, टीबी के संचरण को समाप्त करने के लिए पूरे समाज को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।


(टीबी के नए मामलों और मृत्यु दर में आई गिरावट; यूपी में 1300 से अधिक ग्राम पंचायत टीबी मुक्त)
विज्ञापन

टीबी संक्रमण से कैसे बचा जाए? - फोटो : Adobe Stock
बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए क्या करें?

डॉ रेनू कहती हैं, बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सभी लोगों को निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है। जिन लोगों को टीबी है, उन्हें अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए सुरक्षात्मक कदम उठाने चाहिए। टीबी की दवाओं का कोर्स पूरा करना सबसे आवश्यक काम है। इसके अलावा कुछ और भी उपाय हैं जो टीबी के प्रसार को रोकने में मददगार हो सकते हैं।
 
  • कमरे में वेंटिलेशन का रखें ध्यान
टीबी का संक्रमण छोटे और बंद जगहों में ज्यादा आसानी से फैलता है। इससे बचे रहने के लिए वेंटिलेशन का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। हवा बाहर निकालने के लिए पंखे का इस्तेमाल करें। कमरे में हवा के आने-जाने की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है। 
 
  • मास्क पहनने की बनाएं आदत
मास्क पहनना आपको कई प्रकार के श्वसन संक्रमणों से बचाए रखने में मददगार है। जब भीड़-भाड़ वाली जगहों पर हों तो मास्क जरूर पहनें। टीबी संक्रमण के शिकार लोगों को घर के दूसरे सदस्यों को इस बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मास्क पहनना चाहिए। घर के लोग भी इस उपाय का ध्यान रखें। जब भी आपको छींक या खांसी आए तो अपने मुंह को टिशू से ढकें। गंदे टिशू को एक बैग में रखें और अपने हाथों को जरूर धोएं।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें