स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल
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टीबी के मामले और मृत्युदर में भी आई कमी
स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि 2015 की तुलना में 2023 में टीबी के कारण होने वाली मौतों में भी 21 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। सरकार के निरंतर प्रयासों के चलते देश में टीबी उपचार कवरेज भी 32 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है।
बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी हैं जिन्हें बीमारी तो है पर उनका निदान नहीं किया गया, ऐसे लोगों का पता लगाने और उपचार प्रदान करने की दिशा में भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। टीबी को देश से खत्म करने के लिए सभी लोगों को साथ आने का भी आह्वान किया गया है।
फेफड़ों की बीमारी, टीबी
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100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान
पिछले साल 7 दिसंबर को देशभर में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य टीबी का पता लगाने, उपचार और जागरूकता में तेजी लाना है।
मेघालय एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के स्टेट-कोऑर्डिनेटर मेबैंकमेन खारकोंगोर के अनुसार, टीबी उन्मूलन की दिशा में स्पेक्टम करियर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शिविर में हम मशीन में थूक के सैंपल एकत्र करते हैं।
- इसे न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (NAAT) केंद्रों पर वापस पहुंचाते हैं।
- इसकी मदद से टीबी का पता लगाने और समय रहते बीमारी का इलाज शुरू करने में मदद मिल सकती है।
- यहां हम रोजाना लगभग 510 सैंपल एकत्र करते हैं और इसकी जांच करके बीमारी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
भारत में टीबी की बीमारी एक बड़ी चुनौती
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17 हजार ग्राम पंचायतों में एक साल में नहीं आया एक भी नया मामला
राष्ट्रीय स्तर पर करीब 17 हजार ग्राम पंचायतों ने बीते एक साल में एक भी नया मामला नहीं मिलने का दावा किया है। उत्तर प्रदेश से साल 2024 में 7,755 ग्राम पंचायतों ने टीबी मुक्त होने का प्रमाण हासिल करने का दावा किया है। इनमें अकेले सिद्धार्थनगर जिले से 216 ग्राम पंचायतों ने राज्य सरकार को आवेदन किया है।
उत्तर प्रदेश के राज्य टीबी अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र भटनागर ने बताया कि 2023 में कुल 1,372 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया।
वहीं दूसरी ओर हाल ही में तमिलनाडु टीबी प्रसार सर्वेक्षण में 39% सबक्लिनिकल टीबी के मामले पाए गए। सब क्लिनिकल टीबी का मतलब उन रोगियों से है जिनमें बीमारी के लक्षण जैसे खांसी या कफ आदि नहीं दिखाई देते हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए सभी राज्यों को बिना लक्षण वाले मरीजों को निगरानी में लेने और जांच कराने की सलाह दी गई है।
दुनियाभर में टीबी के मामले
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दुनियाभर में टीबी की चुनौती
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में बताया कि साल 2023 में दुनियाभर में 8 मिलियन (80 लाख) से अधिक लोगों में तपेदिक का पता चला है। यह संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा 1995 में ट्रैक रखना शुरू करने के बाद से दर्ज किए गए मामलों की सबसे अधिक संख्या है। इससे पहले 2022 में डब्ल्यूएचओ ने टीबी के 7.5 मिलियन (75 लाख) मामले दर्ज किए। पिछले साल लगभग 1.25 मिलियन (12.5 लाख) लोगों की टीबी से मृत्यु भी हुई है।
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स्रोत और संदर्भ
Tuberculosis cases in India decline more than double global reduction rate: MoS Health Anupriya Patel
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