हड्डियों के फ्रैक्चर होने की समस्या
- फोटो : Freepik.com
ऑस्टियोपोरोसिस और इसका बढ़ता खतरा
हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने और इसकी मजबूती बढ़ाने के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 20 अक्तूबर को विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है- इट्स अनएक्सपेक्टेड यानी 'यह अस्वीकार्य है', जो इस बात पर जोर देती है कि एक ऐसी बीमारी जिससे आसानी से बचा जा सकता है, फिर भी कई लोगों की जीवन गुणवत्ता इसके कारण बिगड़ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही इसपर ध्यान दे दिया जाए तो स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, सूरज की रोशनी और हड्डियों और जोड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती है।
अब सवाल ये है कि आखिर ऑस्टियोपोरोसिस क्या है?
ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की कमजोरी की गंभीर स्थिति है, इसमें बोन डेंसिटी यानी हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है, जिससे वे कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस आपकी हड्डियों को चुपचाप कमजोर कर देता है, जिससे छोटे से चोट पर भी इसके टूटने की आशंका बढ़ जाती है।
यह मुख्य रूप से बुजुर्गों और रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं में देखा जाता है, लेकिन अब युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रहा है। इस बीमारी की गंभीर स्थिति में हल्के से ठोकर, खांसने-छींकने के कारण भी फ्रैक्चर होने का खतरा हो सकता है।
हड्डियों के बारे में समझिए
डॉक्टर बताते हैं, हड्डियां ऐसे ऊतकों से बनी होती हैं जो लगातार टूटती और बनती रहती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में हड्डियों की कोशिकाओं में क्षति तो होती है लेकिन नए सिरे से इसका निर्माण नहीं हो पाता है। इससे समय के साथ हड्डियों काफी खोखली और कमजोर हो जाती हैं। इसकी अगर शुरुआत में ही पहचान करके सुधार के उपाय कर लिए जाएं तो आप गंभीर दिक्कतों से बचे रह सकते हैं।
पीठ या कमर में लगातार दर्द बना रहता है, झुक कर चलना पड़ता है या फिर बार-बार हड्डियों में फ्रैक्चर हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके इसकी जांच करा लें। कैल्शियम और विटामिन-डी से भरपूर आहार, डॉक्टर द्वारा सुझाए गए व्यायाम और कुछ दवाओं की मदद से समस्या को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
ऑस्टियोपोरोसिस का सबसे आम लक्षण अचानक हड्डियों का टूटना है, खासकर किसी छोटी सी चोट या मामूली दुर्घटना जिससे आमतौर पर कोई नुकसान नहीं होता, उससे भी आपकी हड्डियों में फ्रैक्चर हो सकता है।
ऑस्टियोपोरोसिस वैसे तो सीधे तौर पर कोई लक्षण पैदा नहीं करता, फिर भी आप अपने शरीर में कुछ बदलाव देख सकते हैं जिनका मतलब हो सकता है कि आपकी हड्डियों की ताकत या घनत्व कम हो रहा है।
हड्डियों को स्वस्थ रखने के करें उपाय
- फोटो : Freepik.com
ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव कैसे करें?
यह बीमारी नियंत्रित की जा सकती है, पर पूरी तरह खत्म नहीं होती। सही उपचार से जीवन सामान्य रखा जा सकता है।
ऑस्टियोपोरोसिस का सबसे अच्छा बचाव या इलाज जीवनशैली में बदलाव जैसे पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन, नियमित रूप से व्यायाम, धूम्रपान और शराब से परहेज करना है।
ऑस्टियोपोरोसिस का आनुवंशिक जोखिम भी होता है, इसलिए अगर आपके परिवार में पहले से किसी को ये दिक्कत रही है तो इस बारे में पहले से डॉक्टर से मिलकर सुझाव ले लें।
-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।