फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

न केवल लड़कियों बल्कि लड़कों को भी सिखाया जाए, मासिक धर्म होना शर्म की बात नहीं

Thu, 28 May 2020 03:32 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
sanitary napkins
विज्ञापन

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर लोगों से लड़कियों के साथ ही लड़कों को भी इस तथ्य को लेकर शिक्षित करने की अपील की कि रजस्वला (मासिक धर्म) होना कोई शर्म की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्रों के जरिए भारत की लाखों महिलाओं को ‘सेनेटरी नैपकीन’ किफायती दामों में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

विज्ञापन

 

ईरानी ने ट्वीट किया कि जन औषधि केंद्रों के जरिए लाखों भारतीय महिलाओं को किफायती दामों में ‘सेनेटरी नैपकीन’ उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके। मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2020 पर ना केवल लड़कियों को बल्कि लड़कों को भी इस तथ्य को लेकर शिक्षित करने का संकल्प करें की रजस्वला कोई शर्म की बात नहीं है।’’

विज्ञापन

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी(File Photo) - फोटो : ANI
‘मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ हर वर्ष 28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2014 में जर्मन एनजीओ 'वॉश यूनाइटेड' ने की थी। आमतौर पर महिलाओं के मासिक धर्म 28 दिनों के भीतर आते हैं और यह पांच दिनों तक रहता है, इसी कारण इस दिवस के लिए पांचवें महीने की 28 तारीख चुनी गई।

पीरियड्स के बारे में बात करने में न केवल गांवों में बल्कि शहरों में भी बहुत सारी महिलाएं हिचकिचाती हैं। इस दौरान उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इस बारे में वे नहीं जानतीं। इस तरह बहुत सारी महिलाएं खुद के स्वास्थ्य को खतरे में डाल देती हैं। पीरियड्स के दौरान स्वच्छता बनाए रखने से इस दौरान होने वाले संक्रमण से खुद को बचाया जा सकता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें