हार्ट रेट बढ़ना हो सकता है खतरनाक
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हार्ट रेट कम या ज्यादा होना
जब हार्ट रेट लगातार ज्यादा रहता है तो दिल को जरूरत से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण दिल की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है और ऑक्सीजन सप्लाई गड़बड़ा जाती है। हार्ट रेट ज्यादा होने टैकीकार्डिया कहा जाता है। इसके कारण आपको चक्कर आने, सांस फूलने, बेचैनी, सीने में दर्द, और बेहोशी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। जिन लोगों का रेस्टिंग हार्ट रेट 100 BPM से ऊपर होता है, उनमें हार्ट डिजीज से मौत का खतरा दोगुना तक बढ़ जाता है।
इसी तरह से हार्ट रेट कम होना भी ठीक नहीं है। लो हार्ट रेट का मतलब है शरीर और दिमाग तक ऑक्सीजन कम पहुंच रही है। इसके कारण थकान, कमजोरी, सिर घूमने और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं होती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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