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ORS: घर पर भी तैयार कर सकते हैं असरदार ओआरएस, डॉक्टर ने बताया इसका आसान और झटपट तरीका

Sun, 26 Oct 2025 06:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • एम्स प्रशिक्षित डॉ प्रियंका सारस्वत कहती हैं,  घर पर ओआरएस बनाना बहुत आसान है। अगर आपके घर में किसी को भी बच्चे से लेकर बूढ़े, गर्भवती महिला को लूज मोशन या डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही है तो आप उन्हें ओआरएस दे सकते हैं। 
  • वरिष्ठ डॉक्टर प्रियंका सारस्वत कहती हैं, आप घर पर भी आसानी से ओआरएस तैयार करके इससे लाभ पा सकते हैं। आइए जानते हैं कि ये कैसे बनता है।
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होममेड ओआरएस कैसे बनाएं - फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
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कौन सा ओआरएस असली है और कौन सा नकली? इसको लेकर लोगों के मन में कई सारे सवाल बने हुए हैं। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में डॉक्टर ने इसके ट्रिक के बारे में बताया है जिससे आप असली ओआरएस की पहचान कर सकते हैं। 

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लोगों के मन में बने इस सवाल की वजह है हैदराबाद स्थित बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवरंजनी संतोष का सफल संघर्ष। चीनी युक्त पेय पदार्थों पर 'ओआरएस' शब्द के दुरुपयोग को लेकर वह काफी मुखर रही हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इस तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है। एफएसएसएआई ने पिछले हफ्ते एक एडवाइजरी जारी कर खाद्य एवं पेय कंपनियों को अपने उत्पादों के नाम, लेबल या ट्रेडमार्क में उपसर्ग के रूप में भी 'ओआरएस' शब्द के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ओआरएस खरीदते समय लेवल की जांच जरूर कर लें।  रियल ओआरएस के पैकेट पर हमेशा डब्ल्यूएचओ का फॉर्मूला प्रिंटेड होता है, यही इसकी असली पहचान है। अगर पैकेट पर डब्ल्यूएचओ का फॉर्मूला न हो तो ऐसे ओआरएस को न खरीदें।

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असली वाले ओआरएस को पहचानें - फोटो : Amarujala.com
क्या है डॉक्टर्स का सुझाव

अमर उजाला से बातचीत में डॉ भावेश गुप्ता बताते हैं, गंभीर निर्जलीकरण और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं को दूर करने के लिए मरीजों को ओआरएस लेने की सलाह दी जाती रही है। हालांकि बाजार में ऐडेड शुगर युक्त, फ्लेवर्ड ओआरएस की भरमार है। इससे बीमारी ठीक होने के बजाय और भी बढ़ने का जोखिम रहता है इसलिए ओआरएस के नाम पर बिकने वाले ऐसे किसी भी उत्पादों को खरीदने से बचना चाहिए।

वरिष्ठ डॉक्टर प्रियंका सारस्वत कहती हैं, आप घर पर भी आसानी से ओआरएस तैयार करके इससे लाभ पा सकते हैं। आइए जानते हैं कि ये कैसे बनता है

घर पर तैयार करें प्रभावी ओआरएस तैयार - फोटो : freepik.com
ऐडेड शुगर वाले ओआरएस के दुष्प्रभाव

घर पर ओआरएस तैयार करने का तरीका जानने से पहले जान लीजिए ऐडेड शुगर वाले ओआरएस से क्या नुकसान होते हैं?

डॉ. शिवरंजनी संतोष की लड़ाई भी इसी तरह के ओआरएस लेवलिंग के साथ बिकने वाले पैक्स के खिलाफ थी। डॉक्टर कहती हैं-

ओआरएस लेने के बावजूद बच्चों को गंभीर रूप से डिहाइड्रेटेड अपने क्लिनिक में आते देखना सोचने पर विवश करने वाला विषय था। उन्होंने पाया कि बाजार में ओआरएस के नाम पर बिकने वाले टेट्रापैक में अक्सर सही चीनी-नमक अनुपात नहीं होता था। इतना ही नहीं इन पैक्स में ऐडेड शुगर की मात्रा अधिक होती थी, जिसके कारण ये ओआरएस, बाजार में बिकने वाले अन्य फ्लेवर वाले पेय की तरह हो जाते थे।

एफएसएसएआई के आदेश के बाद अब ओआरएस की शुद्धता प्रमाणिक हो सकेगी।

डिहाइड्रेशन में फायदेमंद है ओआरएस - फोटो : Freepik.com
अब जानिए घर पर ही कैसे तैयार कर सकते हैं ओआरएस

एम्स प्रशिक्षित डॉ प्रियंका सारस्वत कहती हैं, घर पर ओआरएस बनाना बहुत आसान है। अगर आपके घर में किसी को भी- बच्चे से लेकर बूढ़े, गर्भवती महिला को लूज मोशन या डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही है तो आप उन्हें ओआरएस दे सकते हैं। अगर आपके पास डब्ल्यूएचओ फॉर्मूला वाला ओआरएस नहीं है तो आप घर पर भी इसे तैयार कर सकते हैं। 

इसे तैयार करने के लिए एक लीटर पानी लें और इसे उबालकर ठंडा करें। उसमें 6 छोटे चम्मच चीनी और आधा छोटा चम्मच नमक डालें। अब इसे अच्छे से मिला लें, फिर तैयार हो गया आपका होम मेड ओआरएस।
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होममेड ओआरएस के कई सारे लाभ - फोटो : Freepik.com
चीनी-नमक की मात्रा का रखें ध्यान

डॉ प्रियंका कहती हैं, घर पर बना ओआरएस भी बहुत असरदार होता है और इससे लूज मोशन-शरीर में पानी की कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है। हालांकि चीनी और पानी की मात्रा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। ये अनुपात इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा सुझाया गया है।

दिन में चार-पांच बार ओआरएस का सेवन करने से डिहाइड्रेशन की समस्या दूर होती है और इसके कारण होने वाली अन्य जटिलताओं से भी बचा जा सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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