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ORS: ये एक ट्रिक बता देगी ओआरएस असली है या नकली, खरीदने से पहले जरूर कर लें जांच

Sat, 25 Oct 2025 07:55 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ओआरएस में प्रति लीटर 13.5 ग्राम चीनी के उपयोग की सिफारिश करता है, जबकि ओआरएस के नाम पर बिकने वाले कई उत्पादों में 110-120 ग्राम चीनी होती है।
  • बच्चों में दस्त को रोकने और इसके कारण हुई पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस का इस्तेमाल किया जाता रहा है। 
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असली वाले ओआरएस को पहचानें - फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
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Real Vs Fake ORS: शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) दूर करने या दस्त के समय आपने भी (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) ओआरएस का इस्तेमाल जरूर किया होगा, हालांकि अब ये सवालिया घेरे में है।

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हैदराबाद स्थित बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवरंजनी संतोष का संघर्ष आखिरकार रंग लाया और चीनी युक्त पेय पदार्थों पर 'ओआरएस' शब्द के दुरुपयोग पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने प्रतिबंध लगा दिया है। एफएसएसएआई ने पिछले हफ्ते एक एडवाइजरी जारी कर खाद्य एवं पेय कंपनियों को अपने उत्पादों के नाम, लेबल या ट्रेडमार्क में उपसर्ग के रूप में भी 'ओआरएस' शब्द के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया है।

असल में डॉ. शिवरंजनी संतोष की लड़ाई भी इसी के खिलाफ थी। डॉक्टर कहती हैं, ओआरएस लेने के बावजूद बच्चों को गंभीर रूप से डिहाइड्रेटेड अपने क्लिनिक में आते देखना सोचने पर विवश करने वाला विषय था। उन्होंने पाया कि बाजार में ओआरएस के नाम पर बिकने वाले टेट्रापैक में अक्सर सही चीनी-नमक अनुपात नहीं होता था। इतना ही नहीं इन पैक्स में ऐडेड शुगर की मात्रा अधिक होती थी, जिसके कारण ये ओआरएस, बाजार में बिकने वाले अन्य फ्लेवर वाले पेय की तरह हो जाते थे। एफएसएसएआई के आदेश के बाद अब ओआरएस की शुद्धता प्रमाणिक हो सकेगी।
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अब लोगों के मन में सवाल है कि आखिर कैसे पता किया जाए कि जो ओआरएस आप ला रहे हैं वह इस्तेमाल के लिए सही है या नहीं?

नकली ओआरएस को लेकर एफएसएसएआई सख्त - फोटो : ANI
पहले ऐडेड शुगर वाले ओआरएस से होने वाले नुकसान को जान लीजिए

शरीर में तरल पदार्थों और आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन का उपयोग किया जाता रहा है। गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है, बच्चों को दस्त की दिक्कत अधिक होती है, ऐसे में इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है।

ओआरएस स्वच्छ पानी, नमक और चीनी का एक मिश्रण होता है जिसे सादे पानी की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

हालांकि डॉ. शिवरंजनी ने पाया कि बाजार में ओआरएस के नाम पर बिकने वाले पैक में चीनी की अधिकता होती है।

वह कहती हैं, एक अच्छे ओआरएस फॉर्मूलेशन में कम मात्रा में विशिष्ट रूप से लो ग्लूकोज का उपयोग किया जाता है जिससे शरीर में सोडियम और पानी बेहतर तरीके से अवशोषित हो सके। हालांकि अगर इसमें चीनी की मात्रा अधिक हो तो ये प्रक्रिया बाधित हो जाती है। ऐडेड शुगर आंतों में अधिक पानी खींच सकती है, जिससे पहले से ही डिहाइड्रेशन की स्थिति में और भी गंभीर दस्त और तरल पदार्थों की कमी हो सकती है।

डिहाइड्रेशन में ओआरएस से मिलता है आराम - फोटो : Freepik.com
तय मात्रा से अधिक चीनी का इस्तेमाल

डॉ शिवरंजनी ने मीडिया से बातचीत में बताया, इन पेय पदार्थों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा सुझाई गई मात्रा से 10 गुना ज्यादा चीनी होती है और इन्हें दवा की दुकानों में ओआरएस के नाम से बेचा जाता है।

पानी की कमी दूर करने के बजाय, ये दस्त को और बदतर बना देते हैं, यह बेहद खतरनाक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ओआरएस में प्रति लीटर 13.5 ग्राम चीनी के उपयोग की सिफारिश करता है, जबकि इनमें से कई उत्पादों में 110-120 ग्राम चीनी होती है।

भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होने वाली मौतों में लगभग 13% दस्त के कारण होती हैं। देशभर में बच्चों में दस्त को रोकने और इसके कारण हुई पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस का इस्तेमाल किया जाता रहा है। 
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ओआरएस की पहचान क्या है? - फोटो : Freepik.com
कैसे जाने कौन सा ओआरएस रियल है?

अमर उजाला से बातचीत में डॉ भावेश गुप्ता बताते हैं, रियल ओआरएस के पैकेट पर हमेशा डब्ल्यूएचओ का फॉर्मूला प्रिंटेड होता है, यही इसकी असली पहचान है। अलग-अलग फ्लेवर में आने वाले ओआरएस में ऐडेड शुगर हो सकता है, फ्लेवर लाने के लिए कुछ अन्य उत्पादों का भी इस्तेमाल होता है इसलिए ऐसे उत्पादों से हमेशा बचना चाहिए।

कब पीना चाहिए ओआरएस?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ओआरएस वैसे तो डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए एक बेहतर और कारगर उपाय है, पर इसे नियमित रूप से सेवन के लिए नहीं बनाया गया है। ये डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। 

सामान्य तौर पर हल्के स्तर के डिहाइड्रेशन की समस्या पानी और जूस के माध्यम से दूर की जा सकती है, हालांकि मध्यम स्तर के डिहाइड्रेशन की स्थिति में पानी के साथ ओआरएस का घोल दिया जाता है। ओआरएस से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोटेशियम और सोडियम की कमी को दूर किया जा सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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