नकली ओआरएस को लेकर एफएसएसएआई सख्त
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पहले ऐडेड शुगर वाले ओआरएस से होने वाले नुकसान को जान लीजिए
शरीर में तरल पदार्थों और आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन का उपयोग किया जाता रहा है। गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है, बच्चों को दस्त की दिक्कत अधिक होती है, ऐसे में इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है।
ओआरएस स्वच्छ पानी, नमक और चीनी का एक मिश्रण होता है जिसे सादे पानी की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
हालांकि डॉ. शिवरंजनी ने पाया कि बाजार में ओआरएस के नाम पर बिकने वाले पैक में चीनी की अधिकता होती है।
वह कहती हैं, एक अच्छे ओआरएस फॉर्मूलेशन में कम मात्रा में विशिष्ट रूप से लो ग्लूकोज का उपयोग किया जाता है जिससे शरीर में सोडियम और पानी बेहतर तरीके से अवशोषित हो सके। हालांकि अगर इसमें चीनी की मात्रा अधिक हो तो ये प्रक्रिया बाधित हो जाती है। ऐडेड शुगर आंतों में अधिक पानी खींच सकती है, जिससे पहले से ही डिहाइड्रेशन की स्थिति में और भी गंभीर दस्त और तरल पदार्थों की कमी हो सकती है।
डिहाइड्रेशन में ओआरएस से मिलता है आराम
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तय मात्रा से अधिक चीनी का इस्तेमाल
डॉ शिवरंजनी ने मीडिया से बातचीत में बताया, इन पेय पदार्थों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा सुझाई गई मात्रा से 10 गुना ज्यादा चीनी होती है और इन्हें दवा की दुकानों में ओआरएस के नाम से बेचा जाता है।
पानी की कमी दूर करने के बजाय, ये दस्त को और बदतर बना देते हैं, यह बेहद खतरनाक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ओआरएस में प्रति लीटर 13.5 ग्राम चीनी के उपयोग की सिफारिश करता है, जबकि इनमें से कई उत्पादों में 110-120 ग्राम चीनी होती है।
भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होने वाली मौतों में लगभग 13% दस्त के कारण होती हैं। देशभर में बच्चों में दस्त को रोकने और इसके कारण हुई पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस का इस्तेमाल किया जाता रहा है।
ओआरएस की पहचान क्या है?
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कैसे जाने कौन सा ओआरएस रियल है?
अमर उजाला से बातचीत में डॉ भावेश गुप्ता बताते हैं, रियल ओआरएस के पैकेट पर हमेशा डब्ल्यूएचओ का फॉर्मूला प्रिंटेड होता है, यही इसकी असली पहचान है। अलग-अलग फ्लेवर में आने वाले ओआरएस में ऐडेड शुगर हो सकता है, फ्लेवर लाने के लिए कुछ अन्य उत्पादों का भी इस्तेमाल होता है इसलिए ऐसे उत्पादों से हमेशा बचना चाहिए।
कब पीना चाहिए ओआरएस?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ओआरएस वैसे तो डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए एक बेहतर और कारगर उपाय है, पर इसे नियमित रूप से सेवन के लिए नहीं बनाया गया है। ये डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
सामान्य तौर पर हल्के स्तर के डिहाइड्रेशन की समस्या पानी और जूस के माध्यम से दूर की जा सकती है, हालांकि मध्यम स्तर के डिहाइड्रेशन की स्थिति में पानी के साथ ओआरएस का घोल दिया जाता है। ओआरएस से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोटेशियम और सोडियम की कमी को दूर किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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