प्रतीकात्मक तस्वीर
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वैसे तो रोटावायरस बच्चों में आसानी से फैल जाता है, लेकिन उसके बाद उन बच्चों से उन लोगों तक भी यह वायरस पहुंच जाता है जो बच्चों के सबसे पास होते हैं। इसके लक्षण बिल्कुल सामान्य हैं, जैसे कि सर्दी-खांसी, बुखार, दस्त, उल्टी, पेट दर्द। दस्त और उल्टी की वजह से बच्चों के शरीर में पानी की भारी कमी हो जाती है, जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने तक की नौबत आ जाती है। वैसे इसके संक्रमण के लिए कोई विशेष इलाज नहीं है। बच्चों के शरीर में पानी की कमी को पूरा करके उनकी जान बचाई जा सकती है, लेकिन अगर समय पर इलाज उपलब्ध नहीं हुआ या देर से हुआ तो रोगी की मौत भी हो सकती है।