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Heart Attack: धमनियों में ब्लॉकेज नहीं है फिर भी हो सकता है हार्ट अटैक? सच जानना है तो पढ़ें ये रिपोर्ट

Sun, 21 Dec 2025 07:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • मिनोका यानी मायोकार्डियल इन्फार्क्शन विद नो ऑब्सट्रक्टिव कोरोनरी आर्टरी डिजीज। ये हार्ट अटैक की वह स्थिति है जिसमें धमनियों में कोई ब्लॉकेज तो नहीं होता है फिर भी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ जाता है।
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हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Adobe Stock Images
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विस्तार
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दुनियाभर में कैंसर और हृदय रोग, दो ऐसी स्थितियां हैं जिसके कारण हर साल सबसे ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। हाल के वर्षों में हृदय रोग के मामलों में और भी तेजी से उछाल आया है। डॉक्टर कहते हैं, युवा और मध्यम आयु के लोग भी हार्ट अटैक, एंजाइना और हार्ट फेलियर जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं, जोकि काफी चिंताजनक है। इसके पीछे हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और धमनियों में ब्लॉकेज की समस्याएं सबसे प्रमुख मानी जाती है।

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हृदय रोगों के बढ़ते मामलों के संबंध में स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिनोका (MINOCA) की स्थिति को लेकर भी चिंता जता रहे हैं। आखिर ये समस्या क्या है और किस तरह से हमारे दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा रही है? आइए इस बारे में समझते हैं।

बिना ब्लॉकेज के हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Freepik.com
क्या है मिनोका?

मिनोका यानी मायोकार्डियल इन्फार्क्शन विद नो ऑब्सट्रक्टिव कोरोनरी आर्टरी डिजीज। ये हार्ट अटैक की वह स्थिति है जिसमें धमनियों में कोई ब्लॉकेज तो नहीं होता है फिर भी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ सकता है। मरीजों का जब एंजियोग्राम (धमनियों में रुकावट की जांच) टेस्ट किया जाता है तो वह तो नार्मल रहता है, इसके बावजूद व्यक्ति को हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं।

डॉक्टर कहते हैं आमतौर पर इस तरह की स्थिति का समय पर निदान नहीं हो पाता है जिससे मरीज का जरूरी उपचार नहीं हो पाता। यही कारण है कि मिनोका घातक भी हो सकती है।

हार्ट अटैक की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : adobe stock
आर्टरी ब्लॉकेज और हार्ट अटैक

हार्ट अटैक तब होता है जब कोलेस्ट्रॉल, फैट और कैल्शियम मिलकर धमनियों में जम जाते हैं और दिल तक खून के संचार को बाधित कर देते हैं, इसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। इस वजह से सीने में दर्द, सांस फूलने और अचानक हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याएं होती हैं।

हार्ट अटैक की स्थिति में जांच के दौरान भी आपने ब्लॉकेज शब्द के बारे में जरूर सुना होगा। हालांकि इसके विपरीत  मिनोका की समस्या में बिना किसी ब्लॉकेज के भी हार्ट अटैक हो सकता है।

दिल के दौरे की समस्याएं और खतरा - फोटो : Freepik.com
बिना ब्लॉकेज के भी हो सकता है हार्ट अटैक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल के दौरे के लक्षणों जैसे सीने में दर्द, सांस फूलने या पसीना आने की शिकायत के साथ कई मरीज अस्पताल में आते हैं। ऐसे मरीजों की जब जांच की जाती है तो स्पष्ट तौर पर  हृदय संबंधित क्षति नजर आती है। हालांकि जब हार्ट अटैक की स्थिति को समझने के लिए धमनियों की जांच की जाती है तो कोई भी ब्लॉकेज नहीं दिखता है। यह मरीजों के लिए कन्फ्यूज करने वाला और चिंताजनक हो सकता है, क्योंकि यह हार्ट अटैक के ब्लॉकेज वाले पैरामीटर पर फिट नहीं बैठता है।
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हृदय रोगों से बचाव के उपाय जरूरी - फोटो : Freepik.com
आखिर क्यों होती है ऐसी दिक्कत?

बिना ब्लॉकेज वाले हार्ट अटैक कई तरह से हो सकते हैं। उदाहरण के लिए कुछ लोगों के रक्च वाहिकाएं सिकुड़ी हो सकती है या उसमें ऐंठन आ सकती है, जिससे कुछ समय के लिए खून का बहाव रुक जाता है। कभी-कभी, दिल की सबसे छोटी नसें ठीक से काम नहीं करतीं, भले ही बड़ी आर्टरीज नॉर्मल दिखें। इमोशनल शॉक या बहुत ज्यादा तनाव की स्थिति भी दिल को कुछ समय के लिए कमजोर कर सकता है, इसे ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहा जाता है।

मिनोका की स्थिति वाले लोगों में असली वजह के आधार पर डॉक्टर खून की नसों को खोलने या स्ट्रेस को कंट्रोल करने के लिए दवाएं दे सकते हैं। तो ये समझना कि हार्ट अटैक सिर्फ हार्ट ब्लॉकेज के कारण ही होता है, पूरी तरह सही नहीं है।


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स्रोत:
What an Interventionalist Needs to Know About MI with Non-obstructive Coronary Arteries


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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