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Health Alert: सूजे हुए पैर देते हैं खतरे का संकेत, डॉक्टर ने चेताया- ये तीन अंग हो सकते हैं संकट में

Sat, 15 Nov 2025 05:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ जेरेमी लंदेन कहते हैं, पैरों में सूजन और उससे जुड़े संभावित कारणों को समझना जरूरी है। पैरों में होने वाली सूजन की समस्या हर बार खतरनाक नहीं होती है हालांकि कुछ स्थितियों में आपको अलर्ट हो जाने की जरूरत होती है।
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पैरों में सूजन और दर्द की समस्या - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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Edema & Health Risk: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि आपकी दिनचर्या और खान-पान बिल्कुल ठीक-ठाक हो। लाइफस्टाइल की गड़बड़ी के कारण कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट करते हैं। जब बात संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने की आती है तो इसकी शुरुआत कम उम्र से ही की जानी चाहिए। हाल के आंकड़े बताते हैं कि कुछ दशकों पहले तक जो बीमारियां बुजुर्गों में हुआ करती थीं, वह अब कम उम्र के लोगों को भी अपना शिकार बना रही हैं। 

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डॉक्टर कहते हैं, सबसे बड़ी चिंता की बात है बीमारियों का समय रहते पहचान न हो पाना, जिसके कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। शरीर खुद ही अंदर हो रही गड़बड़ियों का संकेत देता है। जब कहीं भी हल्की-सी दिक्कत होती है, तो उसका असर दूसरे अंगों पर भी दिखाई देने लगता है। 

पैरों में सूजन भी ऐसा ही एक संकेत है, जिसे कई लोग थकान या ज्यादा चल लेने की वजह समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ स्थितियों में ये अंदर छिपी गंभीर परेशानियों यहां तक कि हृदय रोगों का भी संकेत हो सकती है, जिसपर समय रहते गंभीरता से ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

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पैरों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ जेरेमी लंदेन कहते हैं, पैरों में सूजन और इससे जुड़े संभावित कारणों को समझना जरूरी है। पैरों में होने वाली सूजन की समस्या हर बार खतरनाक नहीं होती है हालांकि कुछ स्थितियों में आपको अलर्ट हो जाने की जरूरत होती है।
 

एक पोस्ट में उन्होंने बताया कि आपके पैरों, टखनों या एड़ियों में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन को अनदेखा नहीं करना चाहिए, इसे एडिमा कहते हैं। यह तब होता है जब अतिरिक्त तरल पदार्थ आपकी रक्त वाहिकाओं से रिसकर आपके पैरों के निचले हिस्से के ऊतकों में जमा हो जाता है।

इससे आपके पैर सूजे हुए या भारी-भारी से लग सकते हैं। यहां तक कि चलना-फिरना भी मुश्किल हो सकता है। इसके कई कारण होते हैं और सभी गंभीर भी नहीं होते, लेकिन कुछ स्थितियों में अलर्ट हो जाना चाहिए। 

पैरों और दिल का आपस में संबंध - फोटो : adobe stock images
एडिमा और हृदय रोगों का खतरा

पैरों में सूजन या एडिमा, कुछ स्थितियों में हृदय रोगों का एक लक्षण हो सकता है। उन स्थितियों में जब आपका हार्ट ठीक तरीके से रक्त को पंप नहीं कर पाता है तो इससे पैरों, टखनों और पंजों की नसों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इस तरल पदार्थ के जमाव से सूजन हो जाती है। हार्ट फेलियर की कुछ स्थितियों में भी पैरों में सूजन की दिक्कत देखी जाती रही है। 

अगर आपको लंबे समय से इस तरह की दिक्कत बनी रहती है तो किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। 

किडनी फेलियर का जोखिम - फोटो : Adobe Stock
किडनी या लिवर की समस्या

किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर निकालती है। किडनी सही तरीके से काम न करे तो शरीर में फ्लूड की मात्रा बढ़ने लग जाती है जिसके कारण भी पैरों में सूजन आ सकती है। यह किडनी रोग का शुरुआती संकेत हो सकता है।

इसी तरह से लिवर से संबंधित बीमारियों की स्थिति में भी तरल पदार्थ शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है। इसके कारण पैरों व टखनों में सूजन बढ़ जाती है। 
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आपके पैरों में भी तो नहीं रहती है सूजन - फोटो : Adobe Stock
इन गड़बड़ियों का भी हो सकता है लक्षण

डॉ जेरेमी कहते हैं, पैरों में सूजन की समस्या हृदय के अलावा कुछ अन्य अंगों की दिक्कतों से भी संबंधित हो सकती है।
  • अगर आपकी नसें ठीक से काम नहीं कर रही हैं, तो आपके पैरों में खून जमा हो सकता है। इसे क्रॉनिक वेनस इनसफीशिएंसी कहते हैं।
  • अगर आपकी किडनी या लिवर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, तो आपके रक्त संचार में तरल पदार्थ बढ़ जाते हैं इसके कारण भी पैरों में सूजन की दिक्कत हो सकती है।
  • कुछ दवाएं खासकर उच्च रक्तचाप, दर्द या हार्मोन की दवाएं भी सूजन पैदा कर सकती हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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