एंटीबॉडी (सांकेतिक तस्वीर)
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इवासाकी ने कहा कि हर्ड इम्यूनिटी विकसित करने के लिए एक मजबूत, सुरक्षित और कारगर वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी, जो बीमारी और दोबारा संक्रमण की संभावना, दोनों को रोके।
अमेरिका और अन्य जगहों पर भी डॉक्टरों ने दोबारा संक्रमण के कई मामलों की सूचना दी थी, लेकिन उन मामलों की ठोस पुष्टि नहीं हुई। मरीज हफ्तों तक वायरस के पार्टिकल्स के वाहक हो सकते हैं और दोबारा संक्रमित होने अथवा करने की संभावना भी रखते हैं। हांगकांग यूनिवर्सिटी के सूक्ष्मजीव विज्ञानी केल्विन काई-वांग टू के मुताबिक, 33 वर्षीय शख्स का मामला दोबारा संकम्रण का ऐसा पहला केस है, जिसकी पुष्टि जीनोम सिक्वेंसिंग के आधार पर की गई है।