फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Winter Health: सर्दियों में क्यों बढ़ने लगता है वजन और कैसे रखें इसे कंट्रोल? यहां जानिए सबकुछ आसान भाषा में

Fri, 19 Dec 2025 06:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सर्दियों में वजन बढ़ना एक आम समस्या है, लेकिन सही आदतें अपनाकर इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
  • आइए जानते हैं कि सर्दियों में वजन क्यों बढ़ने लगता है और इसे कैसे कंट्रोल में रखा जा सकता है?
विज्ञापन
1 of 5
वजन बढ़ने के कारण क्या हैं? - फोटो : Freepik.com
उत्तर भारत के कई हिस्सों में इन दिनों सर्दी और कोहरा देखा जा रहा है। पिछले एक हफ्ते से तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ठंड से बचाव के लिए उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। कम तापमान वाला ये मौसम विशेषकर बच्चों और बुजर्गों की सेहत के लिए कई प्रकार की मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।

ठंड का मौसम अपने साथ स्वादिष्ट खान-पान, पौष्टिक फल लेकर आता है जिसका हम सभी को पूरे साल इंतजार रहता है, हालांकि इस दौरान बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही आपके लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली भी हो सकती है। इस मौसम में वजन बढ़ने की समस्या आम देखी जाती है। कई लोग बिना ज्यादा खाए-पिए भी सर्दियों के दौरान वजन बढ़ने की शिकायत करते हैं। 

आइए जानते हैं कि सर्दियों में वजन बढ़ने के क्या कारण होते हैं और इस मौसम में वजन को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है?
विज्ञापन

2 of 5
वजन बढ़ने की समस्या - फोटो : Adobe stock
सर्दियों में क्यों बढ़ने लगता है वजन?

अध्ययनों से पता चलता है कि वजन बढ़ने का मौसम से कोई सीधा संबंध नहीं है हालांकि किसी खास मौसम की स्थितियां वजन पर प्रभाव डाल सकती हैं।

सर्दियों में खान-पान की गड़बड़ी जैसे ज्यादा मीठा और तला-भुना खाना वजन बढ़ने का प्रमुख कारण माना जाता है। हालांकि सिर्फ खान-पान ही नहीं, बल्कि शरीर की कार्यप्रणाली, लाइफस्टाइल और हार्मोनल बदलाव भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।

सर्दियों में ठंड के कारण लोग बाहर कम निकलते हैं और व्यायाम कम करते हैं। लंबे समय तक घर के अंदर बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि कम होने से कैलोरी बर्न कम हो जाती  है, जिससे वजन बढ़ने लगता है। इसके अलावा ठंड के मौसम में नींद का पैटर्न बदल जाता है। ज्यादा सोना या अनियमित नींद लेने से भूख से जुड़े हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं। इसके कारण भी आपका वजन बढ़ सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
वेट लॉस के अपनाएं तरीके - फोटो : Adobe Stock
वजन बढ़ने से रोकने के क्या तरीके हैं?

फिटनेस विशेषज्ञ कहते हैं, सर्दियों में वजन बढ़ने से बचने के लिए शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार अच्छी नींद और लाइफस्टाइल को ठीक रखने वाले तरीकों को अपनाना जरूरी है। अगर आप भी इस मौसम में वेट गेन से बचना चाहते हैं तो कुछ उपाय इसमें मददगार हो सकते हैं। 

शारीरिक गतिविधि न होने पाए कम

सर्दियों में वजन बढ़ने का सबसे बड़ा कारण शारीरिक गतिविधि  का कम हो जाना है। इस मौसम में भी रोजना कम से कम 30-45 मिनट की मध्यम स्तर की गतिविधि जैसे  योग, स्ट्रेचिंग, वॉक या जिम जरूरी है। नियमित व्यायाम मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है, जिससे ठंड के मौसम में भी वजन बढ़ने का खतरा कम हो जाता है।

4 of 5
आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
सर्दियों में कम खाएं ये चीजें

सर्दियों में वेट गेन का बड़ा कारण गड़बड़ खानपान भी है। इस मौसम में घी, मक्खन, पराठे, मिठाइयां और तली-भुनी चीजें लोग अधिक खाते हैं। इन चीजों में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खाने और इसके अनुपात में कैलोरी बर्न कम होने के कारण वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ जाता है। वजन कंट्रोल रखने के लिए डाइट में फाइबर, प्रोटीन वाली हरी सब्जियां, मौसमी फल, सूप और सलाद शामिल करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अच्छी नींद सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Adobe stock
पानी पीना कम न करें

सर्दियों में प्यास कम लगती है, इसलिए लोग पानी कम पीते हैं। हालांकि पानी की कमी से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है और फैट बर्निंग की प्रक्रिया बाधित होती है। भले ही आपको प्यास न लगे फिर भी दिन में 2-3 लीटर पानी पीना जरूर पीना चाहिए। गुनगुना पानी पीना सर्दियों में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह पाचन सुधारता है और कैलोरी बर्न में मदद करता है।

नींद पर भी दें ध्यान

सर्दियों में नींद का पैटर्न बिगड़ जाता है। नींद की कमी या अनियमित नींद का संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। नींद की गड़बड़ी के कारण भूख वाले हार्मोन जैसे घ्रेलिन और लेप्टिन का असंतुलन हो सकता है। इससे भूख बढ़ती है और पेट भरा होने का संकेत देर से मिलता है, जिससे व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा लेता है। इन स्थितियों में तेजी से वजन बढ़ने लगता है।



---------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें