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Type-5 Diabetes: टाइप-5 डायबिटीज दुनिया के लिए नई संकट, जानिए अब तक कितने मामले और किन्हें ज्यादा खतरा

Tue, 23 Sep 2025 02:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दुनियाभर के तमाम विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य संस्थाओं से डायबिटीज के एक सबसे कम चर्चित और उपेक्षित प्रकार- टाइप-5 डायबिटीज को औपचारिक रूप से मान्यता देने का आग्रह किया है जो युवा और दुबले-पतले लोगों को अधिक प्रभावित करता है।
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नए प्रकार का डायबिटीज टाइप-5 - फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
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New Type Of Diabetes: डायबिटीज वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक साल-दर-साल डायबिटीज के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या 1990 में 200 मिलियन (20 करोड़) से बढ़कर साल 2022 में 830 मिलियन (83 करोड़) हो गई। भारत में जिस तरह के डायबिटीज के मामले पिछले दो दशकों में बढ़े हैं, इसे देखते हुए भारत को 'डायबिटीज कैपिटल' कहा जाने लगा है। चिंताजनक बात ये है कि डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर हाई रहने की समस्या नहीं है, ये शरीर के कई अंगों जैसे किडनी-लिवर, हृदय और तंत्रिकाओं को भी क्षति पहुंचा सकती है।

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डायबिटीज कई प्रकार की होती है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज की होती है। टाइप-1 डायबिटीज आमतौर पर बच्चों और युवाओं में पाई जाती है, वहीं टाइप-2 डायबिटीज वयस्कों में सबसे आम है, जो लाइफस्टाइल, मोटापा और खान-पान से जुड़ी मानी जाती है।

लेकिन हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने डायबिटीज के और भी प्रकारों की खोज की है। इनमें से एक है टाइप-5 डायबिटीज, जिसे लेकर विशेषज्ञ सावधान कर रहे हैं। 

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युवाओं में टाइप-5 डायबिटीज के मामले - फोटो : Adobe stock
नए प्रकार का डायबिटीज-टाइप-5

दुनियाभर के तमाम विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य संस्थाओं से डायबिटीज के एक सबसे कम चर्चित और उपेक्षित प्रकार- टाइप-5 डायबिटीज को औपचारिक रूप से मान्यता देने का आग्रह किया है, जो युवा और दुबले-पतले लोगों को अधिक प्रभावित करती है। माना जाता है कि दुनियाभर में 2.5 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं।

एक तरफ जहां टाइप-2 डायबिटीज के लिए खान-पान में गड़बड़ी (हाई कैलोरी) को प्रमुख कारण माना जाता है, वहीं टाइप-5 डायबिटीज पर्याप्त भोजन न करने से शुरू होता है। यानी ये नई बीमारी मुख्य रूप से उन किशोरों और युवा वयस्कों में देखी जा रही है जिनका वजन कम होता है या जिन्होंने बचपन में गंभीर खाद्य असुरक्षा का अनुभव किया है क्योंकि कुपोषण उनकी इंसुलिन स्रावित करने की क्षमता को प्रभावित करता है।

डायबिटीज की समस्या - फोटो : Adobe stock
किन लोगों में टाइप-5 डायबिटीज का खतरा अधिक

इस बीमारी पर शोध कर रहे विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में कम वजन वाले किशोरों और युवाओं में देखी जा रही है। वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है चूंकि अभी 'साक्ष्य-आधारित उपचार दिशानिर्देशों का अभाव' है इसलिए टाइप-5 डायबिटीज का गलत निदान हो सकता है।

लैंसेट ग्लोबल हेल्थ में ब्रिटेन सहित 11 देशों के 50 शोधकर्ताओं की टीम ने कहा, 'हम इंटरनेशनल डायबिटीज कम्युनिटी से इस विशिष्ट प्रकार की बीमारी को पहचानने का मांग करते हैं। यह संभवतः दुनियाभर में लाखों लोगों के जीवन की गुणवत्ता और जीवन को प्रभावित करती है। टाइप-5 डायबिटीज के लक्षण-प्रकार और उपचार पर अधिक शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। 

नए प्रकार के डायबिटीज के मामले - फोटो : Freepik.com
पहली बार 1955 में हुई पहचान

टाइप-5 भले ही आपको सुनने में नया लग रहा हो पर यह शब्द पहली बार 1955 में जमैका की मेडिकल रिपोर्ट्स में सामने आया था।

तीन दशक बाद, डब्ल्यूएचओ ने आधिकारिक तौर पर 'कुपोषण-संबंधी मधुमेह' को एक अलग श्रेणी में वर्गीकृत किया। टाइप-1 और टाइप-2 के अलावा डायबिटीज के दो अन्य दुर्लभ रूप टाइप-3 और टाइप-4 की पहचान की जा चुकी है, हालांकि इन दोनों की भी अभी कम चर्चा है। 
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डायबिटीज को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

डॉक्टरों का कहना है कि टाइप 5 अपने आप में एक अलग स्थिति है। इस प्रकार के लोग अन्य प्रकार के डायबिटीज वालों के विपरीत इंसुलिन का उत्पादन कर सकते हैं और इसके प्रति प्रतिरोधी भी नहीं होते, लेकिन उनका अग्न्याशय अविकसित होता है और पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता।

रिपोर्ट्स से पता चलता है कि यह स्थिति मुख्य रूप से एशिया और अफ्रीका के युवाओं, विशेषतौर पर पुरुषों को अधिक प्रभावित करती है। गर्भ में कुपोषण या जिन लोगों के बचपन में लगातार कुपोषण की समस्या रही है उनमें इसका जोखिम अधिक देखा जाता है। 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

स्वीडन के लुंड यूनिवर्सिटी में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और इस अध्ययन के सह-लेखकों में से एक डॉ. एलन वाग कहते हैं, हमें नहीं पता कि दुनियाभर में इस डायबिटीज के कितने मरीज हैं, क्योंकि इसके निदान को लेकर अब तक कोई गाइडलाइन नहीं है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि टाइप 5 मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए, रोगियों को अपने आहार में प्रोटीन और जटिल कार्बोहाइड्रेट जैसे दालें, फलियां और अनाज, अधिक मात्रा में शामिल करने चाहिए। 


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स्रोत
Classifying a distinct form of diabetes in lean individuals with a history of undernutrition: an international consensus statement


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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