पैर उठाकर दाएं बाएं घुमा लो। साइड स्ट्रेच करो या फ्रंट स्ट्रैच करो। हर तरह के क्रंचेस लगा लो या कुर्सी का सहारा लेकर दो-चार और मूव्ज कर लो, करते रहो और हां साथ में ट्रेड मिल पर दौड़ भी लगा लो वेट नहीं घटेगा। वेट सिर्फ बीमारी, जुनून या कानून से कम होता है। भगवान न करे आप बीमार पड़ें। फौज में होते तो वहां के ट्रेनर और वहां का कानून आपको ठीक कर देता। अब बची सिर्फ एक चीज जुनून।
यहां से बात दोबारा शुरू करते हैं। अकेले जुनून से कुछ नहीं होगा। साथ में चाहिए सही ज्ञान और सही कसरत। इंटरनेट पर खोज करने वाले ज्यादातर लोग पेट कम करने के लिए एब्स की एक्सरसाइज खोजते हैं। यहां तक कि तमाम जिमों में ट्रेनर के नाम पर बैठे लोग वहां आने वाले मोटे लोगों को एब्स की दस-बीस कसरतें बता देते हैं। नतीजा होता है निल बटा सन्नाटा।
बत्ती जलाओ - भइए। अगर आप मोटे हैं तो एब्स की कसरत नहीं वेट लूज करने की कसरत खोजिए। पेट को भूल जाएं। शरीर को ट्रेन करें। आपको पेन नहीं पसीना चाहिए। बहुत सही वाला मौसम आ गया है। आपका दम देर से निकलेगा। इससे पहले कि सूरज का पारा चढ़ जाए, शुरू हो जाएं। ये सीजन गेन और लूज दोनों करने के लिए ठीक है।
कैसा हो शेड्यूल - ये झूठ है कि वेट लूज करने वालों को ज्यादा से ज्यादा कार्डियो करना चाहिए और वेट ट्रेनिंग कम से कम। हां, कार्डियो बहुत अहम है। अब आपको ऐसा शेड्यूल चाहिए, जिसमें ये दोनों चीजें हों। आप कुछ इस तरह से कर सकते हैं।
1. वार्म अप 2. 20 या 30 मिनट की वेट ट्रेनिंग 3. वेट लूज ट्रेनिंग
शरीर को थोड़ा गर्म करने के बाद शरीर के किसी एक पार्ट की वो कसरतें करें, जो बॉडी बिल्डर करते हैं। एक दिन एक पार्ट जैसे चेस्ट, बैक, शोल्डर, आर्म्स, थाई। तीन सेट और रैप होंगे 15, 10 और पांच। हर सेट के बाद पांच रैप कम होते जाएंगे। वेट ट्रेनिंग, दरअसल आपकी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग है और यकीन जानिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग न सिर्फ आपको मजबूत करती है बल्कि तेजी फैट बर्न भी करती है। वेट लूज ट्रेनिंग को टाइम के दायरे में नहीं बांधना, जितना दम हो उतना करें।
वेट लूज करने की खास कसरतें
माउंटेन क्लाइंबर - फर्श पर आए जाएं। कंधों की चौड़ाई से थोड़ा हाथ खोलें, पैर पीछे ले जाएं ठीक वैसे जैसे पुश अप लगाते हैं या जैसे दंड लगाते हैं। अब एक झटके में दायां घुटना अपनी छाती के पास ले आएं फिर एक दाएं को वापस पीछे ले जाएं और बाएं को आगे लाएं। तेजी से इसे करें। तस्वीर देखें आपको बात समझ में आ जाएगी। इसी में आप दोनों पैर आगे लाएं और दोनों खूब पीछे की ओर ले जाएं। जब भी पैर पीछे जाएगा आपकी अपर बॉडी छत की ओर जाएगी।
रोप स्किपिंग या रस्सा कूदना - इसके बारे में सब जानते हैं। आपका स्टाइल ये होगा कि 50 बार रस्सा, 20 बार माउंटेन क्लाइंबर। फिर एक या आधे मिनट का रेस्ट। फिर 50 और 20 का जोड़ा।
रनिंग - एक मिनट के लिए बेहद तेज दौड़ें फिर 3 मिनट धीमे। इसे तीन बार दोहराएं।
साइकलिंग - रनिंग वाला स्टाइल अपनाएं।
केटल बेल स्विंग - इसे तो आप फोटो देखकर ही समझ पाएंगे। ये विदेशों में बड़ी चलती है। यहां अगर आपको केटल बॉल नहीं मिलती तो डंबल से भी ये हो जाएगी। इंडिया में जुगाड़ तो करना ही पड़ता है।
डंबल साइड बेंड - दोनों हाथों में डंबल लेकर दाएं बाएं झुकते जाएं। बाईं ओर झुक रहे हैं तो दाईं ओर वाला डंबल आपकी बगल तक आ जाएगा। ऐसा ही दूसरी ओर भी होगा।
कसरतें इनके अलावा भी हैं। आप खासतौर पर ऐसी कसरतें चुनें, जो ज्यादा से ज्यादा बॉडी पार्ट्स पर असर डालती हों। एब्स के पीछे न भागें।