डोले बनाने की ख्वाहिश रखते हैं लेकिन कसरत के लिए पूरा समय नहीं निकाल पाते तो कोई बात नहीं। हाल में हुए शोध की मानें तो महज कसरत के बारे में सोच लेने से ही मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर फिट रहता है।
ओहियो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में माना है कि कसरत के बारे में सोचने के दौरान दिमाग और मांसपेशियों में खास तरह का संपर्क होता है जो मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
जर्नल ऑफ न्यूरोफीजियोलॉजी में प्रकाशित इस शोध में शोधकर्ताओं ने जिम जाने और जिम में कसरत के बारे में सोचने का समान रूप से फायदा माना है।